जमुआ चौक से निकलने वाली प्रमुख सड़कों की बदहाली अब लोगों के लिए परेशानी से आगे बढ़कर जान का खतरा बन गयी है. चौक की सड़कें जगह-जगह टूट चुकी हैं और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण बाइक व ऑटो चालकों के गिरकर घायल होने की घटनाएं सामने आ रही हैं. लंबे समय से सड़क मरम्मत नहीं होने से नाराज जनप्रतिनिधियों ने अब विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
विभाग से की सड़कों की मरम्मत की मांग
जमुआ प्रमुख प्रतिनिधि संजीत यादव, उप प्रमुख रब्बुल हसन रब्बानी, 20 सूत्री सदस्य सचिदानंद सिंह, सांसद प्रतिनिधि राजेंद्र प्रसाद यादव और प्रतापपुर के पूर्व मुखिया सुखदेव यादव ने जमुआ-द्वारपहरी, जमुआ-चित्तरडीह, जमुआ-देवघर और जमुआ-कोडरमा मुख्य मार्गों का निरीक्षण किया. जनप्रतिनिधियों ने मौके से ही संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की.
किसी बड़े हादसे का इंतजार है क्या : मुख प्रतिनिधि
प्रमुख प्रतिनिधि संजीत कुमार यादव ने कहा कि जमुआ चौक की जर्जर सड़कों और खतरनाक गड्ढों की स्थिति से संबंधित विभाग को करीब एक महीने पहले ही अवगत कराया गया था. इसके बावजूद अब तक मरम्मत शुरू नहीं हुई. उन्होंने इसे विभागीय लापरवाही बताते हुए सवाल उठाया कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था की नींद टूटेगी.
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की राह
जनप्रतिनिधियों ने विभाग को चार दिनों का अल्टीमेटम दिया है. चेतावनी दी गयी कि तय समय में सड़क मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ तो जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक सड़क पर उतरकर जोरदार आंदोलन करेंगे. उनका कहना है कि अब आश्वासन नहीं, सड़क पर काम चाहिए.
