Giridih News :बकाया मानदेय भुगतान की मांग को ले जलसहियाओं ने किया प्रदर्शन
Giridih News : जहां एक ओर पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति का सम्मान कर रहा था, वहीं जिले की सैकड़ों जलसहिया अपने हक और सम्मान के लिए सड़क पर उतरीं. बकाया मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर जिले के सभी 13 प्रखंडों से आयी जलसहियाओं ने उपायुक्त कार्यालय और पेयजल व स्वच्छता विभाग के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया.
जलसहिया संघ का आरोप है कि कार्यपालक अभियंता (प्रमंडल वन और टू) द्वारा पिछले एक साल से उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है. संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने कई बार अधिकारियों से मुलाकात की, जहां हर बार होली से पूर्व भुगतान का आश्वासन दिया गया, लेकिन होली बीतने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ. आक्रोशित महिलाओं ने ‘थाली बजाओ’ कार्यक्रम के तहत कार्यालय का घेराव किया.
अधिकारियों के व्यवहार पर जताया रोष
जलसहियाओं ने बताया कि जब वे अपनी पीड़ा लेकर समाहरणालय पहुंचीं, तो उपायुक्त ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें डांट-फटकार लगायी. महिलाओं ने इसे महिला दिवस पर महिला शक्ति का अपमान बताया. कहा कि हम अपनी जायज मांग को लेकर आये थे, जिसकी पूर्व सूचना प्रशासन को दी गयी थी, फिर भी एक उच्च अधिकारी का ऐसा व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. जलसहिया संघ ने कार्यपालक अभियंताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं. संघ का कहना है कि नल जल योजना और फेज-2 के कार्यों में खुलेआम लूट मची है. जलसहियाओं का मानदेय सिर्फ इसलिए रोका गया है, क्योंकि वे कमीशन देने को तैयार नहीं हैं. अधिकारी यह बहाना बना रहे हैं कि जो काम नहीं कर रही हैं, उनका पेमेंट रोका गया है, जबकि 12 सालों से काम कर रही महिलाओं को बिना किसी नोटिस के काम से अनुपस्थित बताया जा रहा है.
अरेस्ट कराने की दी गयी धमकी : अशोक कुमार सिंह
जलसहिया संघ के मुख्य संरक्षक अशोक कुमार सिंह ने प्रशासन के रवैये पर खेद प्रकट किया. महिलाओं को सम्मानित करने की जगह उन्हें अरेस्ट करने और नौकरी से हटाने की धमकी दी गयी. कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सात दिनों में बकाया मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं होता है, तो जिलास्तर पर बैठक कर आगे की रणनीति बनायी जायेगी. अगले चरण में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा. मामले की शिकायत राज्य के नगर विकास व आवास मंत्री से कर सच्चाई उजागर करने की मांग की जायेगी. आंदोलन का नेतृत्व राज्य अध्यक्ष सितारा परवीन, सरिता देवी और दिव्या देवी कर रहीं थीं. इस दौरान जिले के सभी प्रखंडों से आयीं सैकड़ों जलसहिया उपस्थित थीं.