शिकायतकर्ता जगजीत सिंह बग्गा के आवेदन पर प्रधानमंत्री कार्यालय से झारखंड के मुख्य सचिव को जांच के संबंध में एक पत्र भेजा गया था. शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में कहा है कि अंडा और मशरूम प्लांट से निकलने वाले कचरे और गंदे पानी से डैम दूषित हो रहा है. इसके कारण ग्रामीणों में त्वचा, सांस और पेट की बीमारियां बढ़ रहीं हैं. आरोप लगाया कि प्रशासनिक मिलीभगत के कारण बार-बार जांच को दबायी जा रही है. ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. पत्र में प्लांट के संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गयी है. इस पत्र के आलोक में झारखंड के मुख्य सचिव ने झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जांच करने के बाद पूरी रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया.
धनबाद से पहुंचे
अधिकारी
बताया जाता है कि इसी निर्देश पर झारखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के धनबाद कार्यालय के अधिकारी मनीष कुमार ने प्लांट के साथ -साथ आसपास के इलाके में पर्यावरण की स्थिति को जानने का प्रयास किया. इस दौरान उन्होंने कई ग्रामीणों से पूछताछ भी की है. पूछताछ के क्रम में ग्रामीणों ने बताया कि अंडा और मशरूम प्लांट का गंदा पानी बहाया जा रहा है. साथ ही डैम के अगल-बगल में कचरा फेंका जा रहा है, जिससे खंडोली डैम का पानी भी दूषित हो रहा है और आसपास के इलाके में दुर्गंध भी फैल रहा है.
विभाग को भेजी जायेगी रिपोर्ट
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मनीष कुमार ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद स्थल का निरीक्षण किया गया है. प्लांट और आसपास के इलाके का भी उन्होंने निरीक्षण किया. शीघ्र ही जांच रिपोर्ट आवश्यक कार्रवाई के लिे विभाग को भेजी जायेगी. इधर, शिकायतकर्ता जगजीत सिंह बग्गा और नागेंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि बरसात के दिनों में प्लांट का पानी बहकर खंडोली डैम में चला जाता है और इसी डैम के पानी को पूरे शहर में आपूर्ति की जाती है. पूरे शहर के लोग दूषित जल पीने के लिए विवश हैं.
