विद्यालय में छात्र-छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए मध्य विद्यालय अहिल्यापुर के प्रधानाध्यापक सानंद गौरव ने अनोखी पहल शुरू की है. प्रधानाध्यापक अब स्कूल से अनुपस्थित रहने वाले बच्चों के घर पहुंचकर उनके अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं और बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील कर रहे हैं.
अनुपस्थित बच्चों के घर पहुंची टीम
इसी अभियान के तहत शनिवार को प्रधानाध्यापक सानंद गौरव विद्यालय में अनुपस्थित छात्र-छात्राओं के घर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने अभिभावकों से बातचीत कर बच्चों के स्कूल नहीं आने का कारण जाना और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए जागरूक किया. प्रधानाध्यापक के साथ वरीय छात्र भी इस अभियान में शामिल रहे.
शिक्षा के महत्व के प्रति किया जागरूक
अभिभावकों से बातचीत के दौरान बच्चों की शिक्षा के महत्व की जानकारी दी गयी. प्रधानाध्यापक ने कहा कि नियमित विद्यालय आने से बच्चों की पढ़ाई बेहतर होगी और उनका सर्वांगीण विकास भी सुनिश्चित होगा. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई को लेकर विशेष ध्यान देने की अपील की.
सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
अभियान के दौरान अनुपस्थित बच्चों और उनके अभिभावकों को विद्यालय में मिलने वाले विभिन्न सरकारी लाभों की भी जानकारी दी गयी. प्रधानाध्यापक ने बताया कि सरकार की ओर से विद्यार्थियों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ बच्चों तक पहुंचाना विद्यालय की जिम्मेदारी है.
शिक्षक और विद्यार्थी भी अभियान में शामिल
प्रधानाध्यापक के इस अभियान में शिक्षक मो असद, रविकांत वर्मा, कारू टुडू, कंप्यूटर शिक्षक बबलू पांडेय समेत विद्यालय के विद्यार्थी भी शामिल हुए. विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य अभिभावकों के सहयोग से बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाना और स्कूल में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करना है.
