Giridih News : रफ्तार का कहर : 21 दिनों में सड़क दुर्घटना में 26 की मौत, 65 घायल

Giridih News : फरवरी में पूरे जिले में हुए 37 सड़क हादसे, 88 हुए शिकार, हर दिन किसी न किसी थाना क्षेत्र में होते हैं हादसे

विष्णु स्वर्णकार, गिरिडीह, गिरिडीह जिले में सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. फरवरी में 21 दिनों में पूरे जिले में 37 सड़क हादसे हुए हैं. इसमें 88 लोग हादसे का शिकार हुए हैं, इसमें 26 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 65 लोग घायल हो गए. सबसे अधिक सड़क हादसे जिले के निमियाघाट से बगोदर तक के जीटी रोड, बगोदर से खोरीमहुआ, गिरिडीह-गोविंदपुर सड़क और गिरिडीह-कोडरमा सड़क पर तीखे और खतरनाक मोड़ पर हुए हैं. वहीं शुक्रवार को गिरिडीह के दो स्थानों पर हुई सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गयी. इसमें बेंगाबाद प्रखंड के सोनबाद में एक व्यक्ति की मौत हो गयी, जबकि ताराटांड़ के बड़कीटांड़ में हुई सड़क दुर्घटना में दो युवक की मौत हो गयी. देखा जाए तो जिले में हर दिन किसी न किसी थाना क्षेत्र में सड़क हादसे होते हैं, जिसमें कई लोगों की मौत तो मौके पर हो जाती है. वहीं कई लोगों की मौत अस्पताल आने के क्रम में हो जाती है. इसके बाद भी जिले में सड़क हादसे को रोकने को लेकर कोई ठोस पहल होती नजर नहीं आ रही है. बता दें कि अधिकतर सड़क हादसे के शिकार ऐसे लोग हो रहे हैं जो हेलमेट नहीं लगाकर चलते हैं व चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट नहीं लगाते हैं व नशे में वाहन चलाते हैं. लोग यातायात नियमों का बिल्कुल भी पालन नहीं कर रहे हैं.

सड़क सुरक्षा को ले एक महीने चलाया गया था जागरूकता अभियान

बता दें कि सरकार के आदेश के बाद सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए झारखंड के सभी जिलों में वर्ष 2025 के एक जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक पूरे महीने भर जिला परिवहन पदाधिकारी के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. उसे एक एक दिन करके जिले के अलग अलग प्रखंडों में चलाया गया. अधिकारियों ने विभिन्न स्थलों पर जागरूकता रथ, इंस्टालेशन ऑफ रिफ्लेक्टिव टेप, रोड सेफ्टी प्लेज, सघन वाहन जांच, सेल्फी विथ प्लेज, काउंसलिंग ऑफ डीएल एंड एलएल, रोड सेफ्टी पंपलेट एवं बुक वितरण, सेल्फी विथ हेलमेट एंड सीटबेल्ट, नुक्कड़ नाटक, प्रभात फेरी, गुड सेमारिटन और हिट एंड रन जागरूकता, सघन जांच ड्रंक एंड ड्राइव, ओवरलोड, रोड सेफ्टी क्विज, हेलमेट वितरण, रोड ऐट रोज , रोड सेफ्टी बाइक रैली, यातायात नियमों की जागरूकता, रोड सेफ्टी झांकी, निशुल्क जांच शिविर, रोड सेफ्टी ऐट स्कूल, बैडमिंटन प्रतियोगिता, क्रिकेट प्रतियोगिता, स्कूल में जागरूकता, सड़क सुरक्षा शपथ, सड़क सुरक्षा रक्तदान, सड़क सुरक्षा पौधारोपण, सड़क सुरक्षा पतंग महोत्सव, नो हेलमेट नो फ्यूल एवं रन फॉर सेफ्टी (मैराथन) का आयोजन करते हुए लोगों के बीच जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, लेकिन इसके बाद भी हो रही सड़क दुर्घटनाओं में कमी नहीं आयी.

ओवरस्पीड है बड़ा कारण : डीटीओ

गिरिडीह के जिला परिवहन पदाधिकारी शैलेश कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि अधिकतर सड़क दुर्घटनाओं का कारण ओवर स्पीड है. सड़क सुरक्षा माह के तहत पिछले माह जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया था. पूरे माह प्रतिदिन विभिन्न माध्यमों से कार्यक्रम कर लोगों को जागरूक किया गया था. इसमें सभी को यातायात नियमों का पालन भी करने को कहा गया था, लेकिन लोग नियमों का पालन ना कर वाहनों को ओवर स्पीड चलाते हैं. बिना हेलमेट व बिना सीट बेल्ट लगाये लोग वाहनों को चलाते हैं. अगर लोग यातायात नियमों को मानने लगें तो काफ़ी हद तक सड़क दुर्घटना कम हो सकती है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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