डीसी व डीडीसी ने स्टॉल का नरीक्षण कर आम की गुणवत्ता व विपणन व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की. डीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े लाभुक किसानों व उत्पादकों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाये, ताकि उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित हो सके.
बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगाये गये हैं पौधे
बता दें कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत जिले में बड़े पैमाने पर फलदार पौधे लगाये गये हैं. इसका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है. आम्रपाली आम के उत्पादन से जुड़े किसान अपनी उपज को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा रहे हैं, जिससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उचित मूल्य प्राप्त होगा. स्टॉल के माध्यम से आम उत्पादकों, लाभुक किसानों, एफपीओ तथा स्वयं सहायता समूह की दीदियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन, प्रचार-प्रसार व विपणन का बेहतर अवसर मिलेगा. साथ ही खरीदारों को भी स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण एवं ताजे आम उपलब्ध हो सकेंगे.
किसानों व महिला समूहों को सशक्त बनाना उद्देश्य
जिला प्रशासन का यह प्रयास स्थानीय किसानों, महिला समूहों एवं ग्रामीण उत्पादकों को सशक्त बनाने, उनके उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने तथा आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. किसानों व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे आय और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का प्रयास बताया. मौके पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती, जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थीं.
