बताया जाता है कि बेंगाबाद, चपुआडीह, ताराटांड़, ताराजोरी सहित अन्य पंचायतों में पुरानी योजनाओं को नया दिखाकर 15वें वित्त आयोग की योजनाओं की राशि निकासी करने में संवेदक लगे हुए हैं. 15 जून तक राशि निकासी को पूर्ण करने का अल्टीमेटम के बाद संवेदक सक्रिय हो गये हैं और पूर्व से बनी पीसीसी, चबूतरा और नाली को नया दिखाकर राशि निकालने का प्रयास किया जा रहा है.
बेंगाबाद बस्ती में पूरानी नाली व पीसीसी को दिया जा रहा नया रूप
बेंगाबाद बस्ती में पूर्व से नाली व पीसीसी का निर्माण कराया गया था, लेकिन वर्तमान में उन्हीं योजनाओं को नया दिखाकर डेंटिंग-पेटिंग की जा रही है. पूर्व से बनी नाली की रिपेयरिंग करने व स्लैब से ढककर नया दिखाने का खेल हो रहा है. वहीं, पूर्व से बनी पीसीसी पथ के ऊपर में हल्की ढलाई कर उसे भी नया बनाने का काम किया जा रहा है. चपुआडीह पंचायत में भी पूर्व से बने चबूतरा को रिपेयर कर नया बनाने का काम किया गया है. इस पंचायत में भी पूर्व के बनी पीसीसी पथ के उपर में एक से दो ईंच का ढलाई कर नया पीसीसी का रूप दिया जा रहा है. पुराने योजनाओं को नया दिखाकर पंचायत व प्रखंड स्तर से राशि निकासी के खेल में स्थानीय जनप्रतिनिधि जुटे हुये हैं.
ग्रामीणों ने किया उपायुक्त से जांच की मांग
इन पंचायतों में हो रही गड़बड़ी को देखते हुए ग्रामीणों ने उपायुक्त स्तर से मामले की जांच की मांग की है. ग्रामीण पवन राम, सुखदेव दास, राजकुमार दास सहित अन्य का कहना है कि उपायुक्त स्तर से जांच हुई, तो बड़े घोटाले का पर्दाफाश होगा और इसमें संलिप्त जनप्रतिनिधियों का पोल खुल जायेगा. कहा पुरानी योजनाओं को नया दिखाने वाले संवेदकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए. बताया कि कार्य प्रारंभ होने के पूर्व बोर्ड भी नहीं लगाया गया है, ताकि सरकारी राशि की लूट हो सके.
क्या कहते हैं एई
इधर, सहायक अभियंता (एई) मो वसीम अकरम ने कहा कि इसकी सूचना मिली है. शीघ्र जांच की जायेगी और पुरानी योजनाओं को नया दिखाने के मामले में भुगतान रोका जायेगा.
