नगर विकास व आवास विभाग झारखंड रांची की अधिसूचना के आलोक में बड़की सरैया नगर पंचायत क्षेत्र में रहने वाले लोगों को पत्र प्रकाशन के दो महीने में के अंदर 31 दिसंबर 2024 के पूर्व बने मकान/वाणिज्यिक भवन इत्यादि के निर्माण का नियमितीकरण करवा लेने की बात कही गयी है. कहा गया है कि निर्धारित समय के अंदर यदि भू-स्वामी/व्यक्ति मकान नियमितीकरण के लिए आवेदन नहीं करता है तो वह कानून के तहत प्रवर्तन के लिए उत्तरदायी होगा. वहीं, उनके भवन को इन नियमों के तहत नियमितीकरण के लिए नहीं लिया जायेगा.
दो महीने के बाद होगी कार्रवाई, लोगों में हड़कंप
इसके बाद निरीक्षण के क्रम में बिना नक्शा या नियमितीकरण के तहत पाये गये भवन या मकान को अवैध निर्माण मानते हुए सरकार उसे ध्वस्त करेगी. उक्त सरकारी फरमान के बाद आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को छोड़ अन्य लोगों को इसकी चिंता सताने लगी है. बड़की सरैया नगर पंचायत की लगभग 60 प्रतिशत आबादी मजदूरी कर अपना जीवन-यापन कर रही है. लोगों की मानें तो मकान नियमितीकरण प्रक्रिया में गरीब वर्ग के सामने नक्शा, कानूनी दस्तावेज और आर्थिक संकट जैसी भारी चुनौतियां आ सकती है. इसमें आज भी बहुत से गरीबों के पास उनकी नीचे की जमीन के स्पष्ट पट्टे या मालिकाना हक के दस्तावेज भी नहीं है. कागज के अभाव में समय पर सरकार के आदेश का पालन नहीं होने पर मकान को नियमित करने के लिए जुर्माना सहित राशि का भुगतान करना दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों के सामने भारी पड़ सकता है.
