Giridih News: माले नेता को जेल भेजने का जताया आक्रोश

Giridih News: भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य और बगोदर पार्टी प्रखंड सचिव परमेश्वर महतो ने सोमवार को 20 साल पुराने मुकदमे में गिरिडीह कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.

पार्टी के कार्यवाहक प्रखंड सचिव संदीप जायसवाल और माले राज्य कमेटी सदस्य पवन महतो ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि 16 जनवरी 2005 को बगोदर के तत्कालीन विधायक महेंद्र सिंह की साजिशपूर्ण हत्या उस वक्त कर दी गयी, जब वह सरिया के दुर्गी धवैया में नुक्कड़ सभा को संबोधित कर रहे थे. महेंद्र सिंह की हत्या के बाद लोग भाजपा की अर्जुन मुंडा सरकार और गिरिडीह के एसपी दीपक वर्मा के खिलाफ काफी आक्रोश था. पार्टी और आम जनता की सूझबूझ के कारण इतनी बड़ी हत्या के बावजूद भी लोगों ने कहीं आगजनी, रोड जाम या कोई अन्य अनैतिक काम नहीं हुआ. लोग जननेता की साजिशपूर्ण हत्या की जिम्मेदार भाजपा सरकार और तत्कालीन एसपी दीपक वर्मा के खिलाफ बगोदर में हजारों लोग जमा हुए और हत्यारों और इसकी साजिशकर्ताओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की जोरदार मांग की. उन्होंने बताया कि लोग महेंद्र सिंह की हत्या के बाद शोक को संकल्प में बदलने का शांतिपूर्वक संकल्प ले रहे थे. गिरिडीह के पूर्व एसपी दीपक वर्मा और भाजपा सरकार ने पार्टी नेता परमेश्वर महतो और अन्य लोगों पर मुकदमा कर दिया. उन्होंने कहा कि जो लोग महेंद्र सिंह की हत्या के बाद उनके साजिशकर्ताओं को बेनकाब करने और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग को लेकर थाना में आवेदन देने गये थे, एसपी ने भाजपा सरकार के इशारे पर उन्हीं लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया. कहा कि भाकपा माले के नेता और कार्यकर्ता न जेल जाने से डरते हैं और ना ही अपनी जान की परवाह करते हैं. कहा कि परमेश्वर महतो को अविलंब सम्मानपूर्वक रिहा किया जाये, नहीं तो जनता आंदोलन को बाध्य होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: MAYANK TIWARI

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >