इसमें प्रखंड के सभी प्रगणकों व पर्यवेक्षकों की उपस्थिति रही, जिन्हें जनगणना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गयी. प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जनगणना कार्य देश के विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें सटीकता, पारदर्शिता और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है. प्रगणकों को घर-घर जाकर सही तरीके से आंकड़े संग्रह करने, प्रत्येक परिवार की जानकारी को सावधानीपूर्वक दर्ज करने तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के निर्देश दिए गए.
समय सीमा में पूरा करें काम
डीआरडीओ निदेशक ने भी प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रगणक और पर्यवेक्षक अपने दायित्वों को समझें और निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य को पूर्ण करें. प्रशिक्षण में डेटा संग्रहण की प्रक्रिया, प्रपत्रों के सही उपयोग, डिजिटल माध्यमों के उपयोग तथा जनगणना के दौरान आनेवाली संभावित समस्याओं और उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की. बीडीओ ने कहा कि जनगणना के आंकड़े सरकार की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इस कार्य को पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ संपन्न करना सभी की प्राथमिकता होना चाहिए. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
