विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजकुमार वर्मा ने बताया कि बिछुड़ा हाथी गुरुवार की रात लगभग 10:00 बजे विद्यालय पहुंचा और रसोई घर के दरवाजा तथा खिड़की को पूरी तरह उखाड़ कर नष्ट कर दिया. रसोई घर में रखे बर्तनों को पैरों से कुचल कर नष्ट कर दिया. सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा.
12वीं बार स्कूल को बनाया निशाना
उन्होंने बताया कि हाथियों के झुंड ने इस विद्यालय को 12वीं बार निशाना बनाया. विद्यालय को अभी तक लाखों रुपये की क्षति हुई है, परंतु अब तक वन विभाग ने एक रुपये की भी क्षतिपूर्ति नहीं दी है. उन्होंने बताया कि उनका विद्यालय तथा जंगल की दूरी मात्र दो मीटर की है. यहां झुंड से बिछड़ा हाथी अभी भी विचरण कर रहा है. शुक्रवार की सुबह विद्यालय समय अवधि में सभी शिक्षक तथा छात्र विद्यालय पहुंचे. हाथी की चिंघाड़ सुनाई दी. प्रधानाध्यापक श्री वर्मा ने इसकी जानकारी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को दूरभाष पर दी. उनके निर्देशानुसार प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मुकेश कुमार ने प्रधानाध्यापक को सलाह दिया कि किसी भी विद्यार्थी को असुरक्षित ना छोड़ें. प्रार्थना सत्र के बाद अभिभावकों को बुलाकर उनकी उपस्थिति में सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके घर तक पहुंचाया जाये, ताकि अप्रिय घटना होने से बचा जा सके. प्रधानाध्यापक द्वारा बीपीओ के दिए सलाह के अनुसार अभिभावकों को बुलाकर प्रार्थना पत्र के बाद बच्चों को उन्हें सुरक्षित सौंप दिया गया. वहीं वन विभाग से भी निवेदन किया गया है कि झुंड से बिछुड़े इस इकलौते हाथी को अविलंब इस जंगल से हटाएं जिससे कि यहां के लोग सुरक्षित रह सकें.
दो वर्ष पूर्व छतरबाद में हाथी ने एक मजदूर को कुचलकर मार डाला था
बता दें कि दो वर्ष पूर्व एफसीआई (पीजी) गोदाम छतरबाद में काम करने वाले बिहार के एक मजदूर को हाथी ने कुचलकर मार डाला था. उक्त घटना को याद करते हुए स्थानीय लोग काफी भयभीत हैं. वन विभाग की टीम को सक्रिय होकर हाथी को इस क्षेत्र से भागने की बार-बार अपील की जा रही है.
क्षेत्र में कर रहा भ्रमण कर रहा 24 हाथियों का झुंड
मालूम रहे कि इन दिनों 24 हाथियों का झुंड सरिया क्षेत्र के जंगलों में विचरण कर रहा है. वर्तमान में वह झुंड चंद्रमणि तथा पावापुर के जंगलों में है. बीते गुरुवार की रात चंद्रमणि के सिकंदर प्रसाद के खेतों में लगे जेठुआ फसल को बर्बाद किया. वहीं, बाउंड्री वॉल भी कई जगहों पर तोड़ दिया. इस संबंध में भुक्तभोगी सिकंदर ने बताया कि उसे 30-40 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है.
