मैट्रिक परीक्षा. पेपर लीक मामले में उपायुक्त ने जांच कमेटी गठित की
जैक के द्वारा आयोजित मैट्रिक व इंटर की परीक्षा पूरे झारखंड में 11 फरवरी से शुरू हुई थी. बता दें कि गिरिडीह जिले में मैट्रिक की परीक्षा के लिए कुल 95 व इंटर के 66 केंद्र हैं. इनमें कुल 68 हजार परीक्षार्थियों को शामिल होना था. इसी बीच 18 फरवरी को 10वीं के विज्ञान का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा और 3000 रुपये में प्रश्न पत्र बिकने की भी चर्चा शुरू हो गयी. शिक्षा विभाग ने इसे अफवाह बताया. कहा कि ऐसे अफवाहों के चक्कर में छात्रों को नहीं पड़ना है. गुरुवार को सुबह 10:30 बजे से जिले के सभी परीक्षा केंद्रों में 10वीं विज्ञान की परीक्षा हुई। परीक्षा खत्म होने के बाद जैसे ही परीक्षार्थी केंद्रों से बाहर निकले और जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दो दिन पूर्व सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्न पत्र से आज का प्रश्न पत्र हूबहू मिल रहा था. वहीं कुछ परीक्षार्थियों का कहना था कि उन्हें प्रश्न पत्र वायरल होने की कोई भी खबर नहीं मिली थी. यहां तक की उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी भी नहीं थी.कई छात्रों के चेहरों पर दिखी खुशी, तो कई छात्र थे मायूस
इधर, परीक्षा देकर निकले कई छात्रों के चेहरे पर खुशी, तो कई छात्रों के साथ उनके अभिभावक मायूस दिखे. शहरी क्षेत्र स्थित प्लस टू हाइस्कूल से जब परीक्षार्थी परीक्षा देकर बाहर निकल रहे थे तो उनके से कई छात्रों ने कहा कि एग्जाम काफी अच्छा गया जो प्रश्नपत्र वायरल हुआ, वहीं आया. वहीं कुछ छात्रों ने इस पर नाराजगी जतायी. कहा कि जब प्रश्नपत्र लीक ही करना था तो परीक्षा क्यों ली. जो मेहनत करके परीक्षा देने गये, उनकी मेहनत बर्बाद हो गयी. कहा कि अब लीक हो गया है तो रद्द तो कर ही दिया जायेगा. उनका मेहनत बेकार चला गया.
अभाविप ने डीइओ को सौंपा ज्ञापन
इधर प्रश्न पत्र लीक होने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा पदाधिकारी वसीम अहमद को जैक के अध्यक्ष के नाम एक ज्ञापन सौंपा है. कहा गया कि परिषद इसका विरोध करती है. ज्ञात हो कि 10वीं हिंदी और विज्ञान की परीक्षा का प्रश्न पत्र परीक्षा से पूर्व सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. पुष्टि होने पर दोनों परीक्षा रद्द कर दी गयी है. प्रश्न पत्र लीक करने वाले दोषियों पर कार्रवाई की मांग की.
जैक अध्यक्ष का पुतला फूंका
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गिरिडीह ने प्रश्न पत्र वायरल की जांच की मांग को लेकर टॉवर चौक पर जैक अध्यक्ष का पुतला दहन किया. कहा कि विज्ञान के पेपर लिक होने की घटना की निष्पक्ष व विस्तृत जांच होना चाहिए. राज्य में लगातार हो पेपर लीक की घटना राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंताजनक है. विद्यार्थी इस प्रकार की घटनाओं से मानसिक रूप से तनावग्रस्त होते हैं, जिसका असर उनकी परीक्षा परिणाम पर भी पड़ता है. उक्त विषय पर परिषद के झारखंड के प्रदेश मंत्री मनोज सोरेन ने कहा कि जैक परीक्षाओं की सूचिता बरकरार रखने में असमर्थ है. एक तरफ झारखंड सरकार के मुखिया हेमंत सोरेन राज्य में शिक्षा की स्थिति को सुधारने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके द्वारा नियुक्त जैक के अध्यक्ष अपनी पहली ही परीक्षा को ठीक से कराने में असफल रहे. मौके पर जनजातीय सह प्रमुख मंटू मुर्मू, नगर मंत्री बबलू यादव, कॉलेज मंत्री नीरज चौधरी, अनीश रॉय, रोहन तिवारी, अमन कुमार, अरविंद राज, रणवीर प्रजापति, दीपक कुमार, रीतलाल पंडित, अभिजीत सिन्हा, लक्ष्मण पंडित, आरिफ अंसारी, सोहित तिवारी, गोपाल ,सुजल, अंशु सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे.
एडिशलन कलेक्टर की टीम करेगी मामले की जांच
जैक के दसवीं की विज्ञान सैद्धांतिक परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने जांच कमेटी गठित कर दी है. एडिशनल कलक्टर विजय बिरूआ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है. इसमें जिला शिक्षा पदाधिकारी वसीम अहमद और मुख्यालय डीएसपी कौशर अली को रखा गया है. कमेटी को निर्देश दिया गया है कि वे पेपर लिक मामले में हर बिंदुओं पर जांच-पड़ताल कर अविलंब अपनी रिपोर्ट समर्पित करें. कमेटी को कहा गया है कि प्रश्न पत्र कहां से लीक हुई है, इसकी जांच करें. आदेश जारी होने के बाद कमेटी में शामिल सदस्यों ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है. इस मामले को लेकर कई लोगों से पूछताछ की गयी है. यह पता लगाया जा रहा है कि प्रश्न पत्र गिरिडीह से लीक हुई है या किसी अन्य जिले से.
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