गिरिडीह. रविवार को झारखंड सरकार के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आवास ‘उत्सव उपवन’ का माहौल पूरी तरह गमगीन रहा. सुबह से ही उनके अंतिम दर्शन के लिए झामुमो समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग पहुंचते रहे. हर कोई अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुंचा था.
सुबह करीब 10 बजे से शव यात्रा निकलने तक आवास पर लोगों की भीड़ बनी रही. राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में आम लोगों की मौजूदगी ने यह दिखाया कि सुदिव्य कुमार सोनू की पहचान केवल एक राजनेता तक सीमित नहीं थी, बल्कि गिरिडीह की जनता के बीच भी उनकी मजबूत पकड़ थी. अंतिम दर्शन के दौरान कई लोग भावुक नजर आये.
बारिश के बीच भी नहीं थमी लोगों की भीड़
रविवार दोपहर करीब दो बजे हरसिंहरायडीह में अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गयी. बारिश के बावजूद अंतिम विदाई में शामिल लोगों की भीड़ कम नहीं हुई. गम के उस माहौल में तेज बारिश ने वातावरण को और भावुक बना दिया. ऐसा लगा मानो गिरिडीह के साथ पूरा झारखंड भी अपने जनप्रतिनिधि के निधन पर शोक में डूबा हो.
दिवंगत मंत्री के पार्थिव शरीर को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए हरसिंहरायडीह श्मशान घाट ले जाया गया. राज्य सरकार ने उनके निधन पर 6 और 7 सितंबर को दो दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है. इस दौरान सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और 7 सितंबर को राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे.
विधायक से मंत्री तक का सफर
सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से झामुमो के विधायक थे. वह 2019 में पहली बार विधानसभा पहुंचे और 2024 में लगातार दूसरी बार विधायक चुने गये. दिसंबर 2024 में हेमंत सोरेन सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. उनके पास नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा और पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी.
शनिवार देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गिरिडीह के मर्सी अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. उनके निधन की खबर फैलते ही गिरिडीह समेत पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गयी.
अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
अस्पताल से लेकर आवास और फिर अंतिम संस्कार स्थल तक बड़ी संख्या में लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए जुटे. राज्य सरकार के मंत्रियों, राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी गिरिडीह पहुंचकर अंतिम दर्शन के दौरान भावुक हो गये. उन्होंने सुदिव्य कुमार सोनू को अपना भाई और साथी बताते हुए उनके निधन को बड़ी क्षति बताया.
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सुदिव्य कुमार सोनू के असामयिक निधन से गिरिडीह की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है. अंतिम विदाई के दौरान बारिश के बीच उमड़ी लोगों की भीड़ ने उनके प्रति जनता और समर्थकों की भावनात्मक जुड़ाव की तस्वीर भी सामने रखी.
