मंईयां सम्मान योजना के लाभुक के भौतिक सत्यापन किया जा रहा है. सामाजिक सुरक्षा अंतर्गत सभी पेंशन व मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों का डीएलसी सत्यापन किया जाना है. इसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था, विधवा व विकलांग पेंशन योजना, मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला सम्मान पेंशन, स्वामी विवेकानंद निशक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री आदिम जनजाति पेंशन योजना, मुख्यमंत्री ट्रांसजेंडर पेंशन योजना योजनाओं के लाभुकों का सत्यापन कराया जाना है. वहीं, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत भी लाभुक का सत्यापन होना है.
भौतिक सत्यापन के कार्य में जुटा विभाग
इसको लेकर प्रखंड स्तर पर लाभुकों के भौतिक सत्यापन की गतिविधि तेज हो गयी है. लेकिन, प्रचार-प्रसार के अभाव कारण लाभुक परेशान हैं. हालांकि, सामाजिक सुरक्षा के प्रखंड समन्वयक नारायण प्रसाद ने कहा कि सभी पंचायत सचिव को लाभुकों के भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया है.
भौतिक सत्यापन के नाम पर लाभुकों से राशि वसूली का मैसेज वायरल
मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों के भौतिक सत्यापन का कार्य अभी चल ही रहा है, लेकिन इस बीच कहीं-कहीं से सत्यापन के नाम पर वसूली की भी शिकायत आ रही है. कुछ ऐसा ही मामला प्रखंड के उदयपुर पंचायत में सामने आया है. कतिपय लाभुकों द्वारा भौतिक सत्यापन के नाम पर वीएलई द्वारा 100 व 50 रुपये लिये जाने की बात कही गई है. इस पंचायत के नाम पर संचालित एक व्हाट्सएप ग्रुप में सत्यापन के नाम पर पैसे के लेनदेन की का मैसेज वायरल हो रहा है. हालांकि, प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है. उदयपुर पंचायत के वीएलई राजन टुडू ने कहा कि भौतिक सत्यापन के नाम लाभुक स्वेच्छा से कुछ देता है, तो लेने में कोई हर्ज नहीं है.
वीएलई के विरुद्ध बीडीओ दिया गया है आवेदन : मुखिया : उदयपुर की मुखिया अनीता मरांडी ने कहा कि वीएलई की कार्यशैली से आमलोग परेशान हैं. उन्होंने पूर्व में भी वीएलई के खिलाफ बीडीओ को आवेदन दिया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.मामला संज्ञान में आया है, जांच के बाद होगी कारवाई : बीडीओ : बीडीओ निसात अंजुम ने कहा कि उदयपुर पंचायत के वीएलई के खिलाफ शिकायतें मिलीं हैं. मुखिया व पंचायत सचिव से जानकारी लेते हुए जांच व अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी.
