बिरनी प्रखंड के पड़रिया गांव के नीचे टोला में जलनिकासी की समस्या से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है. घरों से निकलने वाला गंदा पानी नाली के बजाय सड़क पर बह रहा है. इससे सड़क पर जगह-जगह गंदगी और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है. ग्रामीणों और राहगीरों को इसी गंदे पानी के बीच से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है.
सड़क मरम्मत के साथ बनी थी नाली
ग्रामीणों के अनुसार, कुछ समय पहले सड़क की मरम्मत के दौरान दोनों किनारों पर जलनिकासी के लिए लाखों रुपये की लागत से नाली का निर्माण कराया गया था. नाली बनने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि घरों से निकलने वाले गंदे पानी की समस्या दूर हो जायेगी.
हालांकि, नाली में ढक्कन नहीं लगाये जाने के कारण स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर उसमें मिट्टी डालकर उसे भर दिया. इसके बाद नाली से पानी की निकासी बंद हो गयी और घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर बहने लगा.
बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी
नाली बंद होने के बाद सड़क पर लगातार गंदा पानी जमा रहने लगा है. इससे पैदल चलने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है. बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्थिति और मुश्किल हो गयी है. आसपास के गांवों के लोग भी इस सड़क का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि गंदे पानी के सड़क पर बहने से स्वच्छता को लेकर भी चिंता बनी हुई है. लंबे समय तक जलजमाव रहने से सड़क पर कीचड़ और दुर्गंध की स्थिति पैदा हो रही है.
लाखों खर्च, फिर भी समस्या जस की तस
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब जलनिकासी के लिए लाखों रुपये खर्च कर नाली बनायी गयी थी, तो उसके रखरखाव और उपयोग की व्यवस्था क्यों नहीं की गयी. उनका कहना है कि नाली को ढकने के साथ नियमित सफाई की व्यवस्था होती, तो आज सड़क पर गंदा पानी बहने की स्थिति नहीं आती.
नाली की सफाई और ढक्कन लगाने की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों से नाली की तत्काल सफाई कराने तथा आवश्यक स्थानों पर ढक्कन लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि नाली को दोबारा उपयोगी बनाकर घरों से निकलने वाले पानी की उचित निकासी सुनिश्चित की जाये, ताकि सड़क पर गंदे पानी का बहाव रोका जा सके.
