भाजपा नेता मिथिलेश यादव हत्याकांड का खुलासा, होटल संचालक समेत दो गिरफ्तार

बगोदर में भाजपा नेता मिथिलेश यादव उर्फ छोटी यादव की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. होटल संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह हत्या पैसे के विवाद में हुई थी, जिसके बाद आरोपियों ने इसे सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की.

बगोदर थाना क्षेत्र के हेसला निवासी भाजपा नेता मिथिलेश यादव उर्फ छोटी यादव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. मामले में पुलिस ने होटल संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया. गिरफ्तार आरोपियों में बगोदर थाना क्षेत्र के घाघरा निवासी होटल संचालक महेश रजक (38) और गोपालडीह निवासी होटल स्टाफ सीमा ठाकुर (58) शामिल हैं. गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार ने बुधवार को अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी दी.

होटल में पैसे को लेकर हुआ था विवाद

एसपी ने बताया कि 14 अगस्त की रात करीब 1:45 बजे मिथिलेश यादव घाघरा स्थित रिंकू होटल में बीयर पीने पहुंचे थे. एक बोतल बीयर पीने के बाद उन्होंने दूसरी बोतल मांगी. दूसरी बोतल देने से पहले होटल संचालक महेश रजक ने उनसे पैसे की मांग की. पुलिस जांच में सामने आया कि पूर्व में भी मिथिलेश होटल में खाना-पीना करने के बाद पैसे नहीं देते थे, जिसको लेकर होटल संचालक से उनका विवाद होता रहता था.

घटना की रात मिथिलेश ने होटल के क्यूआर कोड का फोटो अपने एक परिचित को भेजकर ऑनलाइन भुगतान करने को कहा था. हालांकि होटल के खाते में राशि नहीं पहुंची. इसके बाद बीयर देने को लेकर मिथिलेश और होटल संचालक व स्टाफ के बीच कहासुनी, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की हुई.

टांगी और सब्बल से हमला कर हत्या का आरोप

पुलिस के अनुसार, विवाद के बाद महेश रजक और सीमा ठाकुर ने मिथिलेश यादव को सबक सिखाने की योजना बनायी. दोनों होटल से टांगी और छोटा सब्बल लेकर बाइक से मिथिलेश का पीछा करने लगे. मिथिलेश भी बाइक से हेसला की ओर जा रहे थे.

करीब दो बजे सर्विस रोड में कपसा मंदिर के पास अत्यधिक नशे के कारण मिथिलेश असंतुलित होकर सड़क पर गिर गये. पुलिस के अनुसार, इसी दौरान पीछा कर रहे दोनों आरोपियों ने टांगी और सब्बल से उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गयी.

हत्या को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश

पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपियों ने घटना को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की. मिथिलेश की बाइक को क्षतिग्रस्त कर शव के पास गिरा दिया गया और शव को सर्विस रोड पर इस तरह रखा गया, जिससे पहली नजर में घटना सड़क दुर्घटना प्रतीत हो.

वारदात के बाद दोनों आरोपी वापस होटल लौट गये. पुलिस के अनुसार, घटना में इस्तेमाल टांगी और सब्बल को होटल के नीचे स्थित कमरे में ले जाकर साफ किया गया और छिपा दिया गया.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की. परिस्थितियां संदिग्ध मिलने पर पुलिस ने सभी पहलुओं की जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के आधार पर स्पष्ट हुआ कि मिथिलेश की मौत सड़क दुर्घटना में नहीं, बल्कि हमला किये जाने से हुई थी.

इसके बाद पुलिस ने होटल संचालक और स्टाफ को हिरासत में लेकर पूछताछ की. तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची. पूछताछ के बाद मामले का खुलासा हुआ.

हथियार, बाइक और मोबाइल बरामद

पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टांगी और सब्बल बरामद कर लिया है. इसके अलावा मिथिलेश की बाइक और आरोपी महेश रजक का मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त किया है. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने हत्या के साक्ष्य मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की थी.

एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित हुई थी एसआइटी

मामले की जांच के लिए एसपी के निर्देश पर बगोदर-सरिया एसडीपीओ धनंजय राम के नेतृत्व में एसआइटी गठित की गयी थी. टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर जांच करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया.

टीम में बगोदर-सरिया एसडीपीओ धनंजय राम, सरिया इंस्पेक्टर अजय कुमार, अनुसंधान विंग के इंस्पेक्टर ज्ञान रंजन, बगोदर थाना प्रभारी राजेश कुमार, एसआइ अभिजीत कुमार, अंजन कुमार, मणिकांत कुमार, मनीलाल कुमार व संजय यादव, आरक्षी जोधन महतो, चौकीदार अनुज कुमार और रॉकी रंजन शामिल थे.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vishnu kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >