भेलवाघाटी में एक दशक से पेयजल संकट, चापाकल और जलमीनार भी बेअसर

भेलवाघाटी गांव पिछले एक दशक से भीषण पेयजल संकट से जूझ रहा है. बरसात में भी सूखे कुएं और खराब नल-जल योजना के कारण ग्रामीणों को नदी का गंदा पानी पीना पड़ रहा है. समस्या के स्थायी समाधान की मांग जोर पकड़ रही है.

गिरिडीह. देवरी प्रखंड के भेलवाघाटी गांव में एक दशक से अधिक समय से पेयजल संकट बना हुआ है. बरसात के मौसम में भी गांव के कई कूप सूखे पड़े हैं. चापाकलों से पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा है, जबकि नल-जल योजना के तहत स्थापित जलमीनार से भी नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है. ऐसे में गांव के कई परिवारों को अपनी जरूरतों के लिए नदी के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है.

नीचे चला गया जलस्तर, नहीं मिल रहा पर्याप्त पानी

ग्रामीण सलामत अंसारी, कासिम अंसारी, इमामुद्दीन अंसारी, जुम्मन मियां, दिलेजान अंसारी और समसुद्दीन अंसारी समेत अन्य लोगों ने बताया कि गांव में जलस्तर काफी नीचे चले जाने के कारण वर्षों से पेयजल की समस्या बनी हुई है. ग्रामीणों के अनुसार, समस्या की जानकारी कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गयी. इसके बाद अलग-अलग स्तर पर समस्या दूर करने का प्रयास भी हुआ, लेकिन जलस्तर नीचे रहने के कारण स्थायी समाधान नहीं हो सका.

ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है. हालांकि, इस वर्ष बरसात के दौरान भी कई कूपों में पर्याप्त पानी नहीं है. इससे स्थानीय जलस्रोतों पर निर्भर परिवारों की परेशानी बनी हुई है.

शादी-विवाह में टैंकर से मंगाना पड़ता है पानी

पेयजल संकट का असर गांव के रोजमर्रा के जीवन के साथ सामाजिक और धार्मिक आयोजनों पर भी पड़ रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, शादी-विवाह या अन्य कार्यक्रमों के दौरान पानी की जरूरत बढ़ने पर दूसरे गांवों से टैंकर मंगाकर व्यवस्था करनी पड़ती है. इससे लोगों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ता है.

भेलवाघाटी गांव में सूखा पड़ा कूप | Prabhat Khabar Network

ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय जलस्रोतों से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण घरेलू जरूरतों को पूरा करना भी चुनौती बन गया है. लंबे समय से चली आ रही समस्या के कारण ग्रामीण अब स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं.

मल्टी विलेज स्कीम लागू करने की मांग

ग्रामीणों ने भेलवाघाटी में मल्टी विलेज स्कीम लागू कर पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है. उनका कहना है कि गांव का जलस्तर काफी नीचे होने के कारण स्थानीय कूप और चापाकल समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर पा रहे हैं. ग्रामीणों ने गांव के बाहर पर्याप्त क्षमता वाली पानी की टंकी बनाने और पाइपलाइन के माध्यम से प्रत्येक घर तक पानी पहुंचाने की मांग की है.

झामुमो नेता कासिम अंसारी ने भी भेलवाघाटी के ग्रामीणों को पेयजल संकट से निजात दिलाने की मांग की. उन्होंने कहा कि ग्रामीण दस वर्ष से अधिक समय से पानी की समस्या झेल रहे हैं और इसके स्थायी समाधान की जरूरत है.

जलमीनार और चापाकल लगाये गये : मुखिया

भेलवाघाटी के मुखिया विकास कुमार ने बताया कि भेलवाघाटी पश्चिम टोला में जलस्तर नीचे चले जाने के कारण पेयजल संकट है. समस्या को देखते हुए पीएचईडी से जलमीनार और चापाकल लगवाये गये हैं. कूप की मरम्मत भी करायी गयी है. उन्होंने बताया कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री, प्रधान सचिव और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर भेलवाघाटी पंचायत के सभी गांवों में मल्टी विलेज स्कीम के तहत पानी पहुंचाने की मांग की गयी है.

पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता त्रिपुरारी कुमार ने बताया कि भेलवाघाटी में पेयजल समस्या को देखते हुए मल्टी विलेज स्कीम के तहत चोलखो नदी का पानी घरों तक पहुंचाने का प्रस्ताव वरीय अधिकारियों को भेजा गया है. प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई के बाद ही योजना के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट होगी.

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By Shrawan kumar

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