Giridih News :मधुबन को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित करने की पहल शुरू
Giridih News :जैनियों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल मधुबन स्थित गेस्ट हाउस में सोमवार को मरांग बुरु व मधुबन तीर्थ क्षेत्र को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित करने को लेकर बैठक हुई. इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और तीर्थ क्षेत्र में बढ़ते प्लास्टिक कचरे की समस्या का स्थायी समाधान निकालना था.
बैठक की अध्यक्षता डीडीसी स्मृता कुमारी ने की. इस दौरान प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक व प्रभावी प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट निस्तारण और स्वच्छ व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गयी. अधिकारियों ने बताया कि मरांग बुरु पारसनाथ व मधुबन जैन समुदाय के साथ-साथ आदिवासी समाज के लिए अत्यंत पवित्र स्थल हैं, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं. ऐसे में तीर्थ क्षेत्रों में उत्पन्न होनेवाले प्लास्टिक कचरा और ठोस अपशिष्ट का समुचित प्रबंधन समय की बड़ी आवश्यकता बन गयी है. अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन, स्थानीय समाज और श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से पारसनाथ पहाड़ व मरांग बुरु क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ तीर्थ क्षेत्र के रूप में विकसित किया जायेगा. पीरटांड़ के बीडीओ मनोज मरांडी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 02 की दी गयी जानकारी
बैठक में जानकारी दी गयी कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) 02 में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना का प्रस्ताव तैयार किया गया है. इसमें जलवायु अनुकूल संरचनाओं के निर्माण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को सुदृढ़ करने की योजना पर भी विचार-विमर्श किया गया. प्रशासन ने होटल, धर्मशाला संचालकों, मेला समितियों, पंचायत प्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों से सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने में सहयोग की अपील की. साथ ही जागरूकता अभियान चलाकर श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों को प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र की अवधारणा से जोड़ने पर बल दिया. बैठक से पूर्व श्री शिखरजी स्वच्छता समिति ने डीडीसी को मोमेंटो देकर सम्मानित किया.
इनकी रही उपस्थिति : बैठक में भरत साहू, विद्याभूषण मिश्रा, शैलेश जैन, संजीत सिन्हा, सुरेंद्र महतो, अमित जैन, निर्मल तुरी, कैलाश अग्रवाल, अमित चंद्रवंशी, गाजो महतो, सिकंदर हेंब्रम, बाबूराम मुर्मू, चंपा देवी, झरिलाल महतो सहित ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति, मधुबन पंचायत के प्रतिनिध, मरांग बुरु संस्था के सदस्य, होटल व धर्मशाला संचालक, मकर संक्रांति मेला समिति के सदस्य, विद्यालयों के प्रधानाध्यापक तथा विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.