इससे पूर्व आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व जिप सदस्य व पार्टी के जिला संयोजक राजेश यादव ने धरना को संबोधित करते हुए कहा कि बेरदोंगा सहित जिले के अधिकांश जलापूर्ति योजनाओं का कमोबेश एक जैसा हाल है. या तो योजनाएं बंद हैं, या लचर हालत में हैं. इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है. कहा कि इन योजनाओं की विफलता का मुख्य कारण इसके नाम पर हुई लूट है. सत्ता-शासन या संबंधित विभाग को इससे कोई मतलब नहीं है.
शिकायतों पर नहीं दिया जा रहा ध्यान
श्री यादव ने कहा कि इस बाबत जन शिकायतों पर भी ध्यान नहीं दिया जाता है. कहा कि पानी की समस्या को लेकर जब हद पार हो चुकी, तो लोग आंदोलन में उतरना शुरू किये हैं. 10 दिनों के भीतर यदि पानी चालू नहीं हुआ, तो हमारे लिए जनता के साथ बड़े पैमाने पर पुनः सड़कों पर उतरने की बाध्यता होगी. उन्होंने कहा कि इस पूरे हालात के लिए विधायक-सांसद और उनकी सरकारें जिम्मेदार हैं, जिनके अंदर जन समस्याओं के प्रति कोई संवेदना दिखाई नहीं दे रही है.इनकी रही उपस्थिति
मौके पर सोमनाथ मुखर्जी, संजय चौधरी, मनोज कुमार यादव, रामलाल मंडल, द्वारिका कोल, बुधन कोल, राजेंद्र तुरी, सुनील मरांडी, सुरेंद्र दास, संतोष राय, शंभु ठाकुर, साहेब यादव, रियाज अंसारी, रुस्तम अंसारी, बालेश्वर यादव, पंकज वर्मा, नंदकिशोर यादव, अरुण वर्मा, छोटेलाल यादव, सुखदेव गोस्वामी, कलावती देवी, भीमलाल कोल, पूरन कोल, बुधन कोल, राजकुमार कोल, तिलक पंडित, रामचंद्र गोप, विनोद दास, श्यामलाल कोल, राजू कोल, भुनेश्वर कोल, रामेश्वर कोल, कुंती देवी, आदित्य गुप्ता, मोतीलाल हांसदा, ललिया देवी, कुना देवी, बेबी देवी, सहोदरी देवी, अर्जुन यादव, जहल यादव, कारी देवी, गीता देवी, पोदीना देवी, अमिया देवी, बसमतिया देवी, सविता देवी, राधिका देवी, सुरजी देवी आदि मौजूद थे.
