खोरीमहुआ के एसडीएम समीर रेनियल खलखो और एसडीपीओ अरमेंद्र कुमार की उपस्थिति में दोनों समुदाय के लोगों के साथ क्षेत्र में अमन-चैन कायम करने पर विस्तार से चर्चा की गयी. एसडीएम ने कहा कि क्षेत्र की शांति और सौहार्द को बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जायेगी. ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट शेयर करने से बचने की अपील क. पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर रही है. कानून हाथ में लेनेवाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
निर्दोष व्यक्ति पर नहीं चलेगा मुकदमा: एसडीपीओ
एसडीपीओ ने कहा कि इस कांड में किसी निर्दोष व्यक्ति पर मुकदमा नहीं चलेगा और दोषी व्यक्ति पर विधिवत कार्रवाई की जायेगी. सभी लोग भाईचारा का परिचय दें और पुलिस प्रशासन को शांति बनाने में सहयोग करें. कहा कि किसी धर्मस्थल की भावनाओं को ठेस पहुंचाना, धार्मिक स्थल पर पथराव करना और रोड जाम करना अपराध है. बैठक में बीडीओ अमलजी, सीओ नरेश कुमार वर्मा, इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार दास, चीना खान, परमेश्वर यादव, असगर अली, रविषेक कुमार राय, बालगोविंद यादव, राहुल सिंह, अहमद राजा नूरी, महेंद्र मंडल, पप्पू खान, मो आलम, रईस कौशर, पंसस सोनिया हेंब्रम, मुखिया महाबीर दास, नारायण पांडेय, सुरेश बरनवाल, राजू यादव, प्रभात प्रभाकर, रंधीर यादव आदि मौजूद थे.
क्या है पूरा मामला
बता दें कि 29 मई को तीनमहुआ पोड़ैया इलाके में एक प्रतिबंधित पशु सिर बरामद हुआ था, जिसके बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल था. इस बीच कुछ असामाजिक तत्वों ने एक धर्मस्थल पर पथराव कर दिया. इससे मामला और गंभीर हो गया. घटना की सूचना मिलते ही जमुआ थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी गांव पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.
