गिरिडीह : सदर प्रखंड में शुक्रवार को पंचायत समिति की बैठक हुई. अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख राधा देवी ने की.
सर्वसम्मति से 13वीं वित्त की राशि से सभी पंचायतों में भवन निर्माण, शौचालय, नाली व चहारदीवारी निर्माण में 50 लाख की राशि खर्च करने का प्रस्ताव पारित किया गया. बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य व आंगनबाड़ी केंद्र की योजनाओं के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गयी.
कई सदस्यों ने कहा कि वर्ष 2012 में साक्षरता अभियान के केंद्रों में सोलर प्लेट व बैटरी के साथ-साथ कुर्सी, रैक व आलमीरा आपूर्ति की गयी थी, लेकिन संयोजक शिक्षक ने अपने-अपने घर पर सामान को रख लिया है.
सदस्यों ने बीइइओ को एक सप्ताह का मोहलत दी और कहा कि सभी सामान साक्षरता केंद्र में रखें, अन्यथा दोषी शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए प्रस्ताव पारित किया जायेगा. बैठक में विधायक प्रतिनिधि अनूप कुमार सिन्हा ने यह कह कर बैठक का बहिष्कार किया कि पंचायत समिति को 34 लाख रुपये 13 वें वित्त में दिये गये थे.
इस राशि से हर पंचायत में दो चापाकल लगना था. इसका टेंडर भी हुआ और एक साजिश के तहत टेंडर को रद्द कर दिया गया. उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की.
बैठक में उप प्रमुख अजरुन मंडल, बीडीओ अशोक कुमार, बीइइओ अबुल बफा, सदस्य दिलीप रजक, मीना देवी, जितेंद्र पांडेय, मालती देवी, अजरुन प्रसाद वर्मा, बजरंगी राय, फागू राय, मुखिया प्रो एचएन देव भी थे.
