नडाल में डाटा डालने के क्रम में मामला हुआ उजागर
विधि शाखा ने दी एक सप्ताह की मोहलत
गिरिडीह : जिला के 215 शस्त्र लाइसेंसधारी पिछले 15 वर्षो से लापता हैं. वर्ष 2000 के बाद से शस्त्र का लाइसेंस लेनेवाले 215 लोगों का कुछ भी पता नहीं चल रहा है.
इस मामले का खुलासा तब हुआ है जब जिला प्रशासन ने भारत सरकार के निर्देशानुसार आर्म्स लाइसेंसधारियों का डाटा नडाल (नेशनल डाटा बेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस) में डालना शुरू किया. इस मामले को लेकर बुधवार को कार्यपालक दंडाधिकारी परितोष ठाकुर ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया.
नडाल में हो रही डाटा इंट्री : श्री ठाकुर ने बताया कि जिला में 1008 आर्म्स लाइसेंसधारी हैं, जिनकी डाटा इंट्री की जा रही है. इस इंट्री के साथ सभी लाइसेंसधारी को यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआइएन) दिया जा रहा है.
इसके लिए सभी लाइसेंसधारी की जन्म तिथि, मोबाइल नंबर व स्थायी पता अंकित किया जा रहा है. श्री ठाकुर ने बताया कि 1008 लाइसेंसधारियों में से 571 लाइसेंसधारी का यूआइएन बन चुका है. 437 आर्म्स लाइसेंसधारियों के अनुपलब्ध कागजात की बाबत थाना प्रभारी व अंचलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गयी है.
सात दिनों में सत्यापन नहीं कराया तो रद्द होगा लाइसेंस
श्री ठाकुर ने बताया कि जिन 437 लाइसेंसधारियों का यूआइएन नहीं बन पा रहा है, उनमें से 215 का पता ही नहीं चल रहा है. इन्होंने वर्ष 2000 से ही अपने लाइसेंस को अपडेट नहीं कराया है. ऐसे 215 लोगों को सूचित किया जा रहा है.
ऐसे लोगों को सात दिनों के अंदर अपने लाइसेंस का सत्यापन व अद्यतन करा लेना होगा. सात दिनों के बाद इन लोगों का लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा और आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
