राजधनवार : डोरंडा वनरोपण क्षेत्र में दो हिरणों की मौत लू लगने से हो गयी है. रविवार की सुबह डोरंडा हाट व पुराना बस पड़ाव के समीप दो नर हिरण मृत पड़े मिले. खबर फैलते ही लोगों की भीड़ जुटी. वनपाल योगेंद्र सिंह ने दोनों हिरण को कब्जे में ले लिया
पोस्टमार्टम के लिए उन्हें पशु चिकित्सालय धनवार लाया गया, लेकिन यहां चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति नहीं रहने के कारण गिरिडीह भेजा गया.
वनपाल ने बताया कि जंगल-पहाड़ में इस भीषण गरमी में प्राय: जलस्नेत सूख चुके हैं. संभवत: पानी की खोज में दोनों हिरण आसपास के जगंल से भटक कर डोरंडा पहुंच गये और लू लगने से इनकी मौत हो गयी.
वनपाल ने बताया कि मृत हिरणों के शरीर पर जख्म के निशान नहीं थे. एक की उम्र 3.5 वर्ष तथा दूसरे की एक वर्ष बतायी गयी. इधर जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ उमेश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि वह हजारीबाग में विभागीय प्रशिक्षण में हैं. उन्हें सूचना मिली है कि राजधनवार थाना अंतर्गत डोरंडा में दो हिरण की मौत हो गयी है.
वनपाल दोनों हिरणों को लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला पशु चिकित्सा केंद्र पहुंचे. डॉ गुप्ता ने बताया कि डॉ जयानंद सिंह ने दोनों हिरण का पोस्टमार्टम किया. इसके बाद उन्हें (डॉ गुप्ता) सूचना दी गयी कि लू से हिरण की मौत हुई है.
डांडी-चुआं खुदवाने की मांग
पानी के अभाव में वन प्राणियों की इस तरह मौत पर बुद्धिजीवी गोपाल प्रसाद, मुखिया राजेंद्र बर्णवाल, शिवकुमार राय, मनोज राम, राकेश मिश्र, नित्यानंद पांडेय, रतन अग्रवाल आदि ने चिंता जताते हुए सरकार व वन विभाग से सूखे नदी-नालों में डांड़ी व चुआं खुदवाने की अपील की है.
