गिरिडीह : समाहरणालय में मंगलवार को पर्यावरण समिति की बैठक में कई फैसले लिये गये. जैनियों के सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल मधुबन में पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया. पॉलिथीन की जगह कपड़े के बैग का प्रयोग करने को कहा गया.
एलपीजी गैस से चलने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने और प्रदूषण फैला रहे फैक्टरियों के खिलाफ भी कार्रवाई का निर्देश दिया गया. डीसी उमाशंकर सिंह ने कहा कि बगैर एनओसी के चल रहे क्रशरकी जांच करें. नियम की अनदेखी करनेवाले क्रशर को तत्काल बंद करें.
डीसी ने बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट पर सिविल सजर्न से रिपोर्ट मांगी और कहा कि सरकारी विद्यालय के आसपास अगर क्रशर मशीन संचालित हैं तो इसपर रोक लगायें. डीसी ने नर्सिग होम के कचड़े को डिस्पोजल करने का भी निर्देश दिया और कहा कि क्षेत्र में अवैध पत्थर उत्खनन को सील करने की कार्रवाई अधिकारी करें. डीसी ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने समय निर्धारित किया है.
अस्पताल के आसपास के क्षेत्रों में रात दस बजे से सुबह छह बजे तक डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, हालांकि लोग कम साउंड में अस्पताल के इलाके को छोड़ डीजे बजा सकते हैं. डीसी ने नर्सिग होम के साथ शौचालय के कचड़े को भी डिस्पोजल करने का निर्देश दिया. बैठक में सदस्य सचिव सह डीएफओ स्मिता पंकज, सिविल सजर्न डा. एस सन्याल, डीएसपी विजय आशीष कुजूर, जिप सदस्य प्रमिला मेहरा, अधिवक्ता चुन्नूकांत, प्रदूषण बोर्ड के प्रभारी पदाधिकारी भी मौजूद थे.
