एक वर्ष में भी नहीं बन पाया चेकडैम

पीरटांड़ : उग्रवाद प्रभावित इलाके के विकास के लिये केंद्र और राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही हैं, लेकिन इन्हें पूरा करने में अधिकारी और जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं हैं. इसके कारण ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं. इसका उदाहरण पीरटांड़ प्रखंड के तुईयो पंचायत के चतरो में देखा जा सकता है. पारसनाथ पर्वत की तराई में […]

पीरटांड़ : उग्रवाद प्रभावित इलाके के विकास के लिये केंद्र और राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही हैं, लेकिन इन्हें पूरा करने में अधिकारी और जनप्रतिनिधि गंभीर नहीं हैं. इसके कारण ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं. इसका उदाहरण पीरटांड़ प्रखंड के तुईयो पंचायत के चतरो में देखा जा सकता है.
पारसनाथ पर्वत की तराई में बसे उग्रवाद प्रभावित चतरो गांव में सिचांई के लिये वर्ष 2014 में चैकडैम बनाने की शुरुआत की गयी. लघु सिचांई विभाग ने टिटिंग बेड़ा नाला में 04-03-2014 को योजना शुरू की. कहा गया कि 2014 में बरसात से पहले ही इस योजना को पूर्ण कर लिया जायेगा. 21,83,660 रुपये की लागत से बनने वाली इस योजना का काम तो शुरू किया गया, लेकिन अभी तक योजना पूरी नहीं हो पायी है.
ग्रामीणों ने उठाये सवाल
इस चैकडैम की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीण सवाल खड़े कर रहे हैं. ग्रामीण छोटेलाल हांसदा, सुभाष, पन्नलाल का कहना है कि योजना को पूरा करने में कोताही बरती जा रही है. गुणवत्ता का भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है. पहाड़ के नीचे नाला पर पड़े पत्थर को ही जैसे-तैसे लगा दिया जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि योजना शुरू होने के बाद आज तक विभाग के अधिकारी कभी भी यहां नहीं आये हैं. अगर योजना सही ढंग से पूरी हो जाये तो इलाके में सिंचाई की सुविधा होगी.
ठेकेदार पर बनाया जा रहा है दबाव : इइ
लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार ने कहा कि टिटिंग बेडा नाला पर चैकडैम बनाने का काम चल रहा है. कुछ माह से काम रुका हुआ है ठेकेदार पर काम शुरू करने का दबाव बनाया जा रहा है. जल्द ही चेकडैम का काम शुरू कर दिया जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >