पीरटांड़ : पीरटांड़ की नावाडीह पंचायत के डुमरियाखलार के सात युवकों को गोरखपुर में बंधक बनाये जाने का मामला प्रकाश में आया है. पीड़ितों से नौकरी के नाम पर प्रति व्यक्ति 16 हजार रुपये की ठगी की बात कही जा रही है.
दो युवक चंगुल से मुक्त : आरोपितों के चंगुल से दो युवक किसी तरह भाग कर घर तो आ गये, पर इसी गांव के पांच युवक अभी भी गोरखपुर में किसी के चंगुल में फंसे बताये जा रहे हैं. बताया गया कि डुमरिया खलार के सात युवक सुरेश राय, लक्ष्मण राय, विनोद राय, जीतन राय, मितन राय, रामू राय व छोटू राय बैंगलोर काम करने गये थे. युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर एक रिश्तेदार ने गोरखपुर ले गया था. फिर कई दिनों तक अपने चंगुल में रखा और एक खाता नंबर पर सभी युवकों को 16 हजार रुपये जमा करने को कहा गया.
ठगी के प्रशिक्षण से घबराये युवक : पैसा जमा कर देने पर बंधकों को प्रशिक्षण भी मिलने लगा. प्रशिक्षण में ठगी करने के गुर सिखाये जाने लगे. इससे परेशान लक्ष्मण व रामू घर लौट गये, लेकिन शेष युवक अब भी चंगुल में फंसे हुए हैं. रामू व लक्ष्मण ने बताया कि ऐसे लोग बैंगलोर में काम करते हैं. बताया कि प्रशिक्षण के बाद 15 हजार रुपये मासिक देने की बात कही गयी थी. इधर, इस तरह का मामला पालगंज के कुछ युवकों के साथ टाटा में हो चुका है. हालांकि टाटा पुलिस के सहयोग पालगंज के युवक घर लौट चुके हैं.
थाना को सूचना नहीं : पीरटांड़ के थाना प्रभारी नोयेल भूषण मिंज ने कहा कि उन्हें अब तक इस मामले की सूचना परिजनों ने नहीं दी है. परिजन सूचित करेंगे तो प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई करते हुए युवकों को गोरखपुर से लाने की कोशिश होगी. इधर, मुखिया प्रतिनिधि चोला गोप ने कहा कि वे बंधक बने युवकों के परिजनों से मुलाकात करेंगे और रविवार को इसकी सूचना थाना को दी जायेगी.
