गिरिडीह : जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पंचम सुनील कुमार सिंह की अदालत ने बुधवार को हत्या व दुष्कर्म के एक मामले में बेंगाबाद थाना अंतर्गत बड़की डुमरिया निवासी जीतन मरांडी पिता मुचु मरांडी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया है.
बता दें कि वर्ष 2005 में बड़की डुमरिया निवासी बुधनी देवी के साथ दुष्कर्म किया गया था और साक्ष्य छुपाने के लिए उसकीसाड़ी से उसका गला दबाकर हत्या भी कर दी गयी थी. मामले में सूचक मृतका के पिता सुकरा मरांडी ने पुलिस को दिये आवेदन में कहा था कि बुधनी देवी पति पूरन सोरेन 16.04.2005 को लकड़ी लाने जंगल गयी थी.
शाम तक जब घर वापस नहीं लौटी तो खोजबीन शुरू की गयी. इसी क्रम में उसने देखा कि स्थानीय विष्णु सोरेन व उसका बेटा अजरुन मरांडी उसकी बेटी बुधनी देवी के शव को लेकर आ रहे हैं. पुलिस को भुक्तभोगी ने बताया कि जीतन मरांडी ने बुधनी के साथ पूर्व में छेड़छाड़ किया था. बुधनी ने इस बात की शिकायत समोली मुमरू से की थी. शिकायत की जानकारी मिलने के बाद से ही जीतन बुधनी की हत्या करने के फिराक में था और उसने 16 अप्रैल को उसकी हत्या कर दी. सूचक द्वारा दिये गये आवेदन के आधार पर बेंगाबाद थाना पुलिस ने कांड संख्या 43/5 भादवि की धारा 376, 302 व 201 के तहत मामला दर्ज किया गया था.
दुष्कर्म व हत्या के आरोप में
मामला गिरिडीह न्यायालय पहुंचा और सत्रवाद संख्या 462/05 में अदालत ने जीतन मरांडी पिता मुचू मरांडी को भादवि की धारा 302 में आजीवन कारावास तथा पांच हजार का जुर्माना, धारा 376 में दस वर्ष की सजा व पांच हजार का जुर्माना व धारा 201 में तीन वर्ष की सजा सुनायी है. अदालत ने कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. मामले में अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता भरतनाथ सिंह व बचाव पक्ष से अधिवक्ता दामोदर गोप ने बहस की.
