बंदियों ने की भूख हड़ताल

गिरिडीह : इलाज के दौरान रांची के रिम्स में गिरिडीह मंडल कारा के बंदी बलराम पंडित की मौत से नाराज बंदियों ने बुधवार को मंडल कारा में भूख हड़ताल की. इस दौरान बंदियों ने मंडल कारा के रसोई घर में तालाबंदी की और जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की. पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से […]

गिरिडीह : इलाज के दौरान रांची के रिम्स में गिरिडीह मंडल कारा के बंदी बलराम पंडित की मौत से नाराज बंदियों ने बुधवार को मंडल कारा में भूख हड़ताल की. इस दौरान बंदियों ने मंडल कारा के रसोई घर में तालाबंदी की और जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की. पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के बाद बंदियों ने हड़ताल तोड़ी.
अमले पहुंचे कारा : लगभग 11 बजे प्रशिक्षु आइपीएस अंशुमान कुमार, एसडीओ जुल्फिकार अली, डीएसपी शंभु कुमार सिंह व मुफस्सिल थाना प्रभारी अजय कुमार साहू मंडल कारा पहुंचे और बंदियों से वार्ता की. वार्ता के दौरान बंदियों ने अधिकारियों को पांच सूत्री मांग पत्र भी सौंपा.
बताया जाता है कि वार्ता के दौरान बंदियों ने अधिकारियों को मृत बंदी बलराम की बीमारी की जानकारी दी तथा कहा कि पिछले पांच माह से बीमार चल रहे बलराम के इलाज के प्रति जेल प्रशासन गंभीर नहीं था. लापरवाही के कारण बलराम की मौत का आरोप लगाते हुए बंदियों का कहना था कि कोर्ट से आदेश मिलने के बावजूद बलराम को विलंब से इलाज के लिए रिम्स भेजा गया था. बंदियों ने अधिकारियों से बलराम के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की. उन्होंने जेल अस्पताल को सुधारने की भी मांग की. अधिकारियों द्वारा इन मामलों की जांच का आश्वासन देने के बाद बंदियों ने भोजन किया. गौरतलब हो कि बंदी की मौत के बाद मंगलवार को भी मृतक के परिजनों और पालमो के मुखिया जितेन्द्र पांडेय ने इस मामले की जांच करने और मुआवजा की मांग की थी.
आश्वासन के बाद टूटी हड़ताल : डीएसपी
इधर, मामले पर डीएसपी शंभु कुमार सिंह ने कहा कि बीमार बंदी बलराम पंडित की मौत से नाराज कारा के बंदियों ने थोड़ी देर के लिए अनशन किया था. समझाने के बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया.
गार्ड मिलने के बाद इलाज को गया बलराम
इस संदर्भ में मंडल कारा के जेलर एसपी ठाकुर ने कहा कि कारा में बंदियों का पूरा ख्याल रखा जाता है. बलराम के मामले में कोर्ट से इलाज के लिए रांची ले जाने के आदेश मिलने के बाद गार्ड की मांग की गयी थी. प्रक्रिया पूरी करने और गार्ड मिलते ही बलराम को इलाज के लिए रांची भेज दिया गया था.

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