गिरिडीह जिले में बैकफुट पर रहे नक्सली

अमरनाथ सिन्हा, गिरिडीह : गिरिडीह जिले में नक्सली वर्ष 2019 में बैकफुट पर रहे. नक्सलियों के कई मंसूबों को पुलिस ने नाकाम कर दिया, वहीं कई कुख्यातों को गिरफ्तार करने में कामयाबी भी मिली. जनवरी में दी बड़ी चोट : 2019 की शुरुआत में पुलिस ने नक्सलियों को बड़ी चोट दी. छह जनवरी को पुलिस […]

अमरनाथ सिन्हा, गिरिडीह : गिरिडीह जिले में नक्सली वर्ष 2019 में बैकफुट पर रहे. नक्सलियों के कई मंसूबों को पुलिस ने नाकाम कर दिया, वहीं कई कुख्यातों को गिरफ्तार करने में कामयाबी भी मिली. जनवरी में दी बड़ी चोट : 2019 की शुरुआत में पुलिस ने नक्सलियों को बड़ी चोट दी. छह जनवरी को पुलिस को सूचना मिली थी कि बिहार से सटे सीमावर्ती इलाके में नक्सलियों ने इलाके को दहलाने की योजना बना रखी है.

इसके बाद बिहार पुलिस व सीआरपीएफ के साथ मिलकर सघन छापेमारी अभियान चलाया गया. इस क्रम में मंझलाडीह में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गये विस्फोटक को बरामद किया गया. विस्फोटक बरामदगी के बाद भी छापेमारी अभियान जारी रहा और 30 कांडों के अभियुक्त इनामी नक्सली दरोगी यादव उर्फ भूपति उर्फ बहरा को गिरफ्तार किया. दरोगी भाकपा माओवादी नक्सली संगठन का जोनल कमेटी सदस्य है.
इसकी निशानदेही पर जंगली इलाके से हथियार व विस्फोटक भी बरामद किया गया. दरोगी पर बिहार में 25 हजार व झारखंड में 10 लाख का इनाम घोषित था. उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पारसनाथ इलाके में सर्च अभियान शुरू किया. यहां पर 12 जनवरी को पुलिस नक्सलियों में मुठभेड़ हो गयी. पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली भाग निकले.
नक्सलियों का बंकर ध्वस्त : 24 मार्च को पुलिस ने निमियाघाट थाना क्षेत्र के चेचरिया जंगल में छापेमारी कर एक बंकर को ध्वस्त किया था. बंकर से 12 बोर की दो बंदूक, एक देसी थ्री नॉट थ्री बंदूक, एक सिंगल शॉट बंदूक, 315 बोर की दो देसी बंदूक, डेटोनेटर, पिट्ठू, पावर जेल, बैनर, पर्चा व दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद किया गया था. यह कार्रवाई नक्सलियों के जमावड़े की सूचना पर पुलिस ने की थी.
इसी तरह तीन अप्रैल को गिरिडीह के मोहनपुर वन क्षेत्र में सर्च अभियान के दौरान सीआरपीएफ के जवानों ने 15 किलो चक्रवात आइइडी और नक्सली साहित्य समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया था. जबकि एक मार्च को दो केन बम बरामद किया गया था.
मुठभेड़ में तीन नक्सली हुए ढेर, एक जवान शहीद
अप्रैल माह में सीमावर्ती इलाके में नक्सलियों के दस्ता के भ्रमणशील रहने की सूचना पर पुलिस व सीआरपीएफ ने सर्च अभियान चलाया. अभियान के दौरान 15 अप्रैल को भेलवाघाटी थाना इलाके में नक्सलियों से मुठभेड़ हो गयी. दोनों ओर से गोलियां चलीं, जिसमें तीन नक्सली ढेर हो गये. मुठभेड़ में सीआरपीएफ को नुकसान उठाना पड़ा. सीआरपीएफ का एक जवान विश्वजीत चौहान शहीद हो गया. इस दौरान पुलिस ने एक एके 47 रायफल, एक पाइप बम व एक पिस्टल बरामद किया था.
दो की ली जान, कंस्ट्रक्शन कंपनी की साइट पर हमला
एक ओर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही थी दूसरी ओर नक्सली भी वारदात को अंजाम दे रहे थे. 15 अप्रैल को नक्सलियों ने डुमरी थाना अंतर्गत उग्रवाद प्रभावित जरीडीह पंचायत के कानाडीह निवासी चुड़का सोरेन उर्फ रागा (40) पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गयी थी. 17 अप्रैल को नक्सलियों ने चिरकी हरलाडीह पथ पर चंदन बेसरा उर्फ चुड़का नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी.
वहीं 18 अप्रैल को नक्सलियों ने चिरकी-हरलाडीह पथ पर पुल निर्माण कर रही कंपनी के साइट्स पर हमला बोल दिया. इस दौरान यहां पर कर्मियों को पीटा गया व जेनेरेटर में आग लगा दी गयी थी. इसके बाद नक्सली पोस्टरबाजी कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे.
25 लाख के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर
इस वर्ष एक नक्सली को सरेंडर कराने में पुलिस को कामयाबी मिली. 7 फरवरी के नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के सैक सदस्य और 25 लाख के इनामी नक्सली बलबीर उर्फ रौशन ने पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया है. वरीय पुलिस अधिकारियों के समक्ष सरेंडर करनेवाले इस नक्सली की तलाश झारखंड के साथ-साथ बिहार पुलिस को भी थी.
पारसनाथ की तराई वाले इलाके का रहनेवाला बलबीर पिछले तीन दशक से नक्सली संगठन से जुड़ा हुआ था. गिरिडीह,संथाल परगना के अलावा बिहार के जमुई-बांका में सक्रिय रहे इस नक्सली ने कई घटनाओं को भी अंजाम दिया था.
उग्रवाद प्रभावित गिरिडीह में इस वर्ष नक्सली बैकफुट पररहे. मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर हुए तो कुख्यात दारोगी समेत 10 नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया. हालांकि, इस वर्ष नक्सलियों से भिड़ंत में एक जवान शहीद हो गया. इस वर्ष पुलिस नक्सल विरोधी अभियान चलाती रही.
इन नक्सलियों को पुलिस ने पकड़ा
खुखरा पुलिस ने नौ जनवरी 2019 को दो नक्सली सुरेश सोरेन व शिवा तुरी को गिरफ्तार किया. 30 जनवरी को पुलिस ने नक्सली बैजनाथ तिवारी को गिरफ्तार कर लिया.
जबकि 15 फरवरी को मधुबन थाना पुलिस ने दुर्गा टुडू नामक नक्सली को पकड़ा. 13 जून को मुफस्सिल पुलिस ने साल 2012 में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पपरवाटांड़ में निर्माणाधीन न्यू पुलिस लाइन में हुए हमले में शामिल नक्सली सुरेश मांझी उर्फ संजलू मांझी को गिरफ्तार किया.
13 अगस्त को मुफस्सिल थाना पुलिस ने पीरटांड़ थाना इलाके का रहनेवाला मदन गोप उर्फ मदन यादव को गिरफ्तार किया. 14 सितंबर को भेलवाघाटी पुलिस ने सुनील हेंब्रम व प्रेम सोरेन नामक नक्सली को गिरफ्तार किया.
यह दोनों नक्सली कुख्यात सिद्धू कोड़ा दस्ते के अहम सदस्य थे. इनके पास से विस्फोटक भी बरामद किया गया था, जबकि 20 सितंबर को पुलिस ने रणविजय व कृष्णा हांसदा दस्ता के एक महत्वपूर्ण सदस्य धूमा सोरेन उर्फ राजेश को गिरफ्तार किया. इसकी गिरफ्तारी शहीद सप्ताह के दौरान हुई.

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