प्रबंधन ने माना, 76 फीसदी कर्मी नहीं गये काम पर
प्रोडक्शन व डिस्पैच ठप, रेलवे रैक से भी ढुलाई नहीं
गिरिडीह कोलियरी में हड़ताल शत-प्रतिशत सफल रही
गिरिडीह: संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा का मंगलवार को कोल इंडिया में आहूत एकदिवसीय हड़ताल बेरमो कोयलांचल समेत पूरे सीसीएल में काफी असरदार रही. सीसीएल प्रबंधन के अनुसार 76 फीसद कामगार काम पर नहीं गये. सीसीएल की कोलियरियों में उत्पादन, डिस्पैच के अलावा रेलवे रैक से भी कोयले की ढुलाई पूरी तरह से बाधित रही. मुख्यालय सहित अन्य एरिया में मजदूरों की उपस्थिति कम रही तथा कई कार्यालयों के ताले भी नहीं खुले. सीएमपीडीअाइ में भी हड़ताल का असर दिखा.
मजदूर स्वत: नहीं गये काम पर : बेरमो के तीन एरिया कथारा, ढोरी व बीएंडके मिलाकर करीब 35 हजार टन कोयले का उत्पादन व डिस्पैच बाधित हुआ.
चार रेलवे रैक कोयला बाहर के राज्यों में नहीं जा सका. गिरिडीह एरिया की गिरिडीह कोलियरी में हड़ताल शत-प्रतिशत सफल रही. हड़ताल को लेकर कहीं से किसी तरह की झड़प या अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. मजदूर स्वत: काम पर नहीं गये तथा हाजिरी नहीं बनायी. संयुक्त मोर्चा में शामिल इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू व एक्टू के नेताओं ने हड़ताल को पूरे कोल इंडिया में शत-प्रतिशत सफल बताया है. हड़ताल का असर सिंगरैनी कोलियरीज कंपनी लि. में भी देखने को मिला. हड़ताल के कारण बेरमो में ट्रांसपोर्टिंग में लगे तीन हजार से ज्यादा हाइवा जहां-तहां खड़े रहे, जबकि विभागीय मशीनें भी खड़ी रहीं.
