हत्या के मामले में दो को सश्रम आजीवन करावास

गिरिडीह : हत्या के मामले पिछले आठ अगस्त को दोषी करार दिये गये दो लोगों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय कुमार दिनेश की अदालत ने मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. सजा देवरी थाना क्षेत्र के बैरिया टोला के टंगपजवा निवासी हरि यादव एवं सुखदेव यादव को भादवि की धारा 302,34 में […]

गिरिडीह : हत्या के मामले पिछले आठ अगस्त को दोषी करार दिये गये दो लोगों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय कुमार दिनेश की अदालत ने मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. सजा देवरी थाना क्षेत्र के बैरिया टोला के टंगपजवा निवासी हरि यादव एवं सुखदेव यादव को भादवि की धारा 302,34 में सुनायी गयी है. इसके अलावा 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है. साथ ही भादवि की धारा 201, 34 में साक्ष्य छुपाने के लिए तीन साल कारावास की सजा सुनायी है.

बता दें कि हरि एवं सुखदेव को पिछले आठ अगस्त को ही अदालत ने दोषी ठहराया था. इस दौरान जमानत पर चल रहे हरि एवं सुखदेव का बेल बांड कैंसिल कर उन्हें न्यायिक हिरासत में केंद्रीय कारा गिरिडीह भेज दिया था. साथ ही इस मामले में सजा पर सुनवाई के लिए 13 अगस्त की तिथि निर्धारित की गयी थी. मंगलवार को सजा सुनाये जाने के लिए दोनों को सुरक्षा व्यवस्था के बीच केंद्रीय कारा से अदालत लाया गया और कोर्ट में दोनों की पेशी की गयी.

क्या है मामला : देवरी थाना में कांड संख्या 33/2017 दिनांक 26 फरवरी 2012 धारा 302, 201, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया था.
प्राथमिकी देवरी थाना क्षेत्र के बैरिया टोला के टंगपजवा की बिंती देवी (पति स्व. गुली यादव) ने दर्ज करायी थी. प्राथमिकी में कहा गया था कि 25 फरवरी 2017 को दोपहर दो बजे उसके पति अपने घर से बाइक से खिजुरी बाजार गये थे. उसके पति के साथ उसके गांव के ही हरि यादव एवं सुखदेव यादव भी गये थे. तीनों ने मिलकर शाम को बाजार में मुर्गा बनवाकर एक साथ खाया. रात लगभग 10 बजे हरि व सुखदेव उसके पति की बाइक और मोबाइल उसके घर पहुंचाने के लिए आये.
जब उससे पूछा कि उसका पति कहां हैं तो हरि ने कहा कि उसे जगह पर रख दिये हैं. वह बार-बार उन दोनों से अपने पति कि बारे में पूछती रही, लेकिन दोनों नशे की हालत में बार-बार बोलते रहे कि उसके पति को जगह पर रख दिये हैं और चले गये. इसके बाद उन लोगों ने खोजबीन शुरू की. 26 फरवरी की सुबह 9.30 बेलकुसी दुधकियाटांड़ में गोरख महतो के कुआं के पास उसके देवर कैलाश यादव पहुंचा तो देखा कि कुआं के पानी के ऊपर खैनी रखने वाला डिब्बा तैर रहा है.
सके बाद उसके देवर को शक हुआ और उसने उसे बुलाया तो डिब्बे की पहचान की. इसके बाद कुआं में झग्गर डाला गया तो उसके पति गुली यादव का शव बंधा हुआ निकला. प्राथमिकी में कहा गया था कि पूर्व में दुश्मनी को लेकर पंचायती भी हुई थी. प्राथमिकी में दावा किया गया था कि हरि यादव एवं सुखदेव यादव ने उसके पति को जान से मारकर साक्ष्य छुपाने के लिए शव को कुआं में डाल दिया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >