बच्चों की शिकायत पर अफसरों को फटकार

गिरिडीह : राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने गुरुवार को नये परिसदन में कैंप लगाकर बच्चों की शिकायतें सुनीं. बच्चों की बात सुन अध्यक्ष शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर बिफर पड़े और कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी. मौके पर मुख्य रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मनोरंजन […]

गिरिडीह : राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने गुरुवार को नये परिसदन में कैंप लगाकर बच्चों की शिकायतें सुनीं. बच्चों की बात सुन अध्यक्ष शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर बिफर पड़े और कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी.

मौके पर मुख्य रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव मनोरंजन कुमार, डीसी मनोज कुमार, एसपी सुरेंद्र कुमार झा, एसडीओ राजेश प्रजापति के अलावा विभिन्न विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे. उन्होंने बारी-बारी से बच्चों की समस्याओं को सुना . कैंप में सर्वाधिक मामले स्कूलों की आधारभूत संरचना, दिव्यांग बच्चों के सटिर्फिकेट, उनकी पेंशन व आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचनाओं से जुड़े मामले छाये रहे.
आवेदन के बाद भी नहीं मिलती साइकिल : बच्चाें ने कहा कि आवेदन देने के बाद भी साइकिल नहीं मिलती है. इस पर श्री कानूनगो ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को दस दिनों के अंदर समस्या के समाधान कराने की बात कही.
कहा कि कैंप में कुल 200 शिकायतें हमारे पास आयी हैं, जिसमें से 170 मामलों के निष्पादन के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को तय समय के अनुसार निष्पादन करने की चेतावनी दी गयी है. अगर तय समय के अंदर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी.
माइका से जुड़े उद्योगपतियों के साथ की बैठक : जनसुनवाई कार्यक्रम के बाद श्री कानूनगो ने जिले के प्रतिष्ठित माइका व्यवसायियों के साथ भी बैठक की. बैठक के दौरान मुख्य रूप से तिसरी और गावां क्षेत्र में बड़ी संख्या में बाल श्रमिक ढिबरा चुनने में लगाये जा रहे हैं. जिस पर रोकथाम के लिए सबों को मिलकर पहल करनी पड़ेगी.
उन्होंने माइका व्यवसायियों से इसके रोकथाम के लिए सहयोग करने की अपील की. साथ ही माइका उद्योग को कैसे बढ़ाया जाये, उद्योग में किस तरह की परेशानी आ रही है इसके समाधान कराने का भी आश्वसन श्री कानूनगो ने व्यवसायियों को दिया.
ये थे मौजूद
डीएमओ सतीश नायक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी पम्मी सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी पुष्पा कुजूर, जिला शिक्षा अधीक्षक कमला सिंह, डीएसपी नवीन कुमार सिंह के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे.
बाल श्रमिकों के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश
श्री कानूनगो ने बताया कि बीते माह 46 बाल मजदूरों को रेस्क्यू किया गया था, लेकिन इस मामले में अभी तक किसी भी अधिकारियों की ओर से थाने में प्राथमिकी दर्ज नहीं करायी गयी है, जो काफी गंभीर मामला है. उन्होंने बताया कि संबंधित पुलिस अधिकारी को दस दिनों के अंदर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है.
अगर इसके बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो संबंधित विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी. श्री कानूनगो ने बताया कि टीम द्वारा बच्चों गिरिडीह, कोडरमा व बिहार के नवादा में कुल 4500 बाल श्रमिकों की पहचान बाल श्रमिकों के रूप में की है.
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिया गया है कि किसी भी सूरत में बाल श्रम को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. जिला प्रशासन को इसके रोकथाम के लिए समय-समय पर अभियान चलायें. उन्होंने कि दिल्ली में बैठ कर शिकायतों का निबटारा नहीं किया जा सकता है. इसलिए हमारी टीम अलग-अलग जिलों में खुद पहुंचकर मामले की जांच कर रही है.

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