बगोदर और आसपास के इलाकों में शनिवार की देर शाम से करीब 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से सात पंचायतों के उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा. रातभर बिजली गुल रहने के बाद रविवार सुबह करीब 7:30 बजे आपूर्ति बहाल हुई. हालांकि, इसके बाद भी लो-वोल्टेज की समस्या बनी रही.
पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ठप रही
बिजली आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा. बगोदर की दो-तीन पंचायतों में बिजली आधारित पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही, जिससे लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा.
स्वतंत्र फीडर की व्यवस्था नहीं होने से समस्या बढ़ी
बगोदरडीह पावर सब स्टेशन से बगोदर, माहुरी, मंझीलाडीह, जरमुने, सोंतुरपी, डुंगो, गैड़ा और अटका समेत आसपास के कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति होती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अलग-अलग पंचायतों के लिए स्वतंत्र फीडर की व्यवस्था नहीं होने के कारण सब स्टेशन में खराबी आते ही बड़े इलाके की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती है.
जिप सदस्य दुर्गेश कुमार ने बताया कि बगोदर पावर सब स्टेशन में निमियाघाट और सरिया से जुड़े दो फीडर हैं। दोनों में खराबी आने के बाद ही एक फीडर को दुरुस्त करने की स्थिति बनती है। उन्होंने कहा कि दोनों फीडरों को नियमित रूप से दुरुस्त रखने और अलग-अलग फीडर की व्यवस्था करने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन विभाग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई.
बिजली कर्मियों के अनुसार, 33 हजार वोल्ट लाइन में ब्रेकडाउन के कारण रातभर आपूर्ति बाधित रही. खराबी को दूर करने के बाद सुबह 7:30 बजे बिजली बहाल की गयी। स्थानीय लोगों का कहना है कि चार दशक पुराने आपूर्ति ढांचे के कारण बार-बार ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने स्थायी समाधान के लिए फीडर व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है.
