शिलान्यास के चार वर्ष बाद भी अधूरा रांगामाटी रेलवे गुमटी से बालुटुंडा पथ

डुमरी : डुमरी प्रखंड के रांगामाटी रेलवे गुमटी से बालुटुंडा पथ का निर्माण कार्य शिलान्यास के चार वर्ष के बाद भी पूरा नहीं हुआ. इससे इन गांवों में रहने वालों को काफी परेशानी हो रही है. प्रखंड के तीन पंचायत रांगामाटी, रोशनाटुंडा व बालुटुंडा को जोड़ने वाले इस सड़क का काम 18 माह में ही […]

डुमरी : डुमरी प्रखंड के रांगामाटी रेलवे गुमटी से बालुटुंडा पथ का निर्माण कार्य शिलान्यास के चार वर्ष के बाद भी पूरा नहीं हुआ. इससे इन गांवों में रहने वालों को काफी परेशानी हो रही है. प्रखंड के तीन पंचायत रांगामाटी, रोशनाटुंडा व बालुटुंडा को जोड़ने वाले इस सड़क का काम 18 माह में ही संवेदक को पूरा करना था़ वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत रांगामाटी रेलवे गुमटी से बालुटुंडा तक करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पांच किमी सड़क का शिलान्यास हुआ था़ इसके बाद संवेदक ने कुछ स्थानों पर कालीकरण तो कहीं-कहीं पीसीसी सड़क बनायी. कहीं-कहीं मोरम व मेटल बिछाया गया था. लेकिन सड़क निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं किया.
करीब छह माह से सड़क निर्माण कार्य बंद है़ ऐसे में बारिश का पानी कई स्थानों पर जमा होने से कीचड़ के कारण पैदल चलना भी दूभर हो गया है़ ग्रामीणों का कहना है कि सड़क कीचड़मय होने से गांव तक कोई वाहन नहीं पहुंच पाता है. ऐसे में बीमार और वृद्ध लोगों को अस्पताल ले जाने में काफी परेशानी होती है. रास्ता खराब होने के कारण स्थानीय लोग कई बार गिर कर घायल हो जाते हैं. रांगामाटी रेलवे गुमटी से बालुटुंडा पथ रांगामाटी पंचायत के गवरडीह व बिरहोडीह, रोशनाटुंडा पंचायत के रोशनाटुंडा, गोठवारटांड़, कदराडीह व केंदुआडीह तथा बालुटुंडा पंचायत के बालुटुंडा व केंदुआडीह को जोड़ती है.
डालेश्वर गोप का कहना है कि शिलान्यास के बाद जहां पर पीसीसी बनी है, वहां जल-जमाव हो रहा है़ इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है़ लोग बीमार पड़ रहे है़ं बालुटुंडा पंचायत की पूर्व मुखिया अनिता देवी का कहना है कि सड़क में कीचड़ के कारण लोगों को परेशानी होती है़ बारिश के बाद तो घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. सड़क का निर्माण शीघ्र पूरा होना चाहिए. केंदुआडीह की छात्रा खुशबू कुमारी का कहना है कि संवेदक द्वारा सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देने से स्कूल व कॉलेज जाने वाले बच्चों को परेशानी होती है.
रांगामाटी पंचायत के बिरहोडीह निवासी कुलदीप का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं. इनमें जमा पानी बीमारियों को निमंत्रण दे रहा है. छात्र सोनू कुमार का कहना है कि सड़क में कहीं-कहीं डाले गये मोरम व पत्थर के कारण साइकिल चलाने में परेशानी होती है.
कई बार इन पत्थरों से लोग चोटिल हो जाते हैं. कलावती देवी का कहना है कि पक्की सड़क किसी गांव के विकास का आईना होता है. जब चार वर्ष में गांव में सड़क नहीं बन सकी तो इस गांव के विकास का अंदाजा लगाया जा सकता है. उप मुखिया जागेश्वर यादव का कहना है कि वर्तमान में यह सड़क चलने लायक नहीं है़ संवेदक का कहना है कि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा हो जायेगा़
लेकिन चार वर्ष में यह सड़क नहीं बन सकी है़ ग्रामीण सड़क में बने गड्ढे में गिरकर घायल हो रहे हैं. छात्र दीपक कुमार दास का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य में हो रही देरी के लिए दोषी संवेदक व अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए़ स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को भी इस दिशा में पहल करनी चाहिए़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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