गांडेय : ‘जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है यारों’ इसे सोमवार को एक नि:संतान दंपती ने चरितार्थ कर दिखाया. जंगल में फेंके गये लावारिश नवजात को उक्त दंपत्ति ने मुखिया व ग्रामीणों की पहल पर गोद लिया है. मामला पंडरी पंचायत का है. बताया जाता है कि अज्ञात बाइक सवार महिला-पुरुष सोमवार की दोपहर बड़कीटांड़ जंगल में नवजात बच्चे को फेंक कर चले गये.
नवजात के रोने की आवाज पर आसपास के ग्रामीण जुटे और मुखिया सुनीता मरांडी को सूचना दी. मुखिया ने बताया कि नवजात के शरीर में कई घाव थे. सूचना पर कई नि:संतान दपत्ति उसे गोद लेने पहुंचे. ग्रामीणों के साथ बैठक कर सर्वसम्मति से लिये गये निर्णय के बाद फुलची पंचायत के पहरदहा निवासी गुलजार को उसे सौंपा गया. बताया जाता है कि गुलजार तत्काल नवजात को इलाज के लिये गिरिडीह ले गया.
