गिरिडीह : इतिहास व पॉलिटिकल साइंस के बाद इन दोनों विषयों में पीजी करने की चाह रखनेवाले गिरिडीह कॉलेज के छात्र-छात्राएं मायूस हैं, क्योंकि इस कॉलेज में इन दोनों ही विषयों में पीजी की पढ़ाई नहीं होती है. ऐसे में उन्हें दूसरी जगह जाकर इसकी पढ़ाई पूरी करनी पड़ेगी, इससे परेशानी तो होगी है, साथ ही जो आर्थिक रूप से समर्थ नहीं हैं, उनके दूसरी जगह जाकर पीजी की पढ़ाई करना सपने जैसा हो गया है.
इस संबंध में कॉलेज में स्नातक के छात्र अरुण कुमार, अजय कुमार, मुकेश कुमार, रितेश कुमार, अविनाश कुमार, पूजा कुमारी, प्रियंका कुमारी, निकिता कुमारी, सोनम कुमारी ने बताया कि यहां सिर्फ सिर्फ गणित, अंग्रेजी व कॉमर्स विषय में पीजी की पढ़ाई हो रही है और विश्व विद्यालय ने इसी सत्र से कॉलेज में हिंदी में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की बात कही है. जिस कॉलेज में लगभग 50 से 60 प्रतिशत छात्र-छात्राएं इतिहास विषय में पीजी की पढ़ाई करना चाहते हैं, उनकी ओर किसी का भी ध्यान नहीं जा रहा है, जिससे हमारी परेशानी बढ़ गयी है.
छात्र-छात्राओं ने बताया कि गिरिडीह कॉलेज में पढाई करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र से सबसे ज्यादा छात्र-छात्राएं आते हैं और सभी छात्र-छात्राओं की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण बाहर जाकर पीजी की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते हैं. अगर विश्वविद्यालय प्रशासन कॉलेज में इतिहास और पॉलिटिकल साइंस में पीजी की पढ़ाई शुरू करवाने की पहल कर दे तो जिले भर के छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा.
प्राचार्य से नहीं हो पाया संपर्क : इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्य डॉ अजय मुरारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं पाया.
विश्वविद्यालय प्रशासन से की गयी है बात : रोशन
अभाविप के प्रदेश मंत्री रोशन सिंह ने बताया कि गिरिडीह कॉलेज में सभी विषयों में पीजी की पढाई शुरू करवाने के मांग की गयी है. जल्द से जल्द इतिहास और पॉलिटिकल साइंस में पीजी की पढ़ाई शुरू करवाने की पहल की जायेगी. इस संबंध में कुलपति से भी एक सप्ताह के अंदर मिलेंगे और उन्हें यहां के छात्र-छात्राओं को हो रही समस्याओं से अवगत करायेंगे.
सभी विषयों में शुरू करायी जायेगी पीजी की पढ़ाई : रंधीर
आजसू छात्र संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष रंधीर प्रसाद वर्मा ने कहा कि गिरिडीह कॉलेज में इतिहास व पॉलटिकल साइंस में पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पङ रहा है. बताया कि हर विषय में पीजी की पढ़ाई शुरू करवाने के लिए विश्व विद्यालय प्रशासन को आवेदन दिया गया है. अगर इस सत्र से कॉलेज में इतिहास व पॉलिटिकल साइंस में पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं हुई तो आजसू छात्र संघ उग्र आंदोलन करेगा.
