बगोदर : बगोदर बस स्टैंड स्वच्छ भारत अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है. यहां कूड़े-कचरे के ढेर से निकलने वाली दुर्गंध से यात्री परेशान हैं. स्टैंड से सरकार को सालाना 30 लाख से अधिक राजस्व मिलता है. इसके बाद भी स्टैंड सुविधा विहान है. पिछले वर्ष विधायक मद से सुलभ शौचालय का निर्माण जरूर किया गया है.
यात्रियों को यहां न तो पीने के लिए पानी मिलता है और न ही कोई अन्य सुविधा. साफ-सफाई के लिए प्रखंड प्रशासन ने सफाई कर्मी नियुक्त नहीं किया है. इसके कारण सफाई काम पूरी तरह ठप है. अब तो कचरा जीटी रोड पर आ रहा है. गंदगी फैलाने में बहुत हद तक बस पड़ाव में लगने वाले फास्ट फूड के ठेला, होटल, आसपास घरवाले भी जिम्मेदार हैं. वे कचरा को स्टैंड में फेंक देते हैं.
इससे यहां गंदगी का अंबार लगता जा रहा है. इस संबंध में जरमुनै पूर्वी के मुखिया प्रतिनिधि कृष्ण कुमार उर्फ वितन का कहना है कि अभी तक सफाई को लेकर जिला परिषद से कोई फंड नहीं भेजा गया है. इसके कारण सफाई का काम बंद है. राशि आने के बाद ही स्टैंड में साफ-सफाई की जायेगा. स्वच्छ भारत अभियान में चलाने वालों की नजर भी यहां नहीं पड़ती है. जन प्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ता भी सफाई के लिए पहल नहीं कर रहे हैं.
