त्रिपुरा सीएम के दावेदार रहे हैं प्रो रीता वर्मा के कार्यालय सहायक

त्रिपुरा सीएम के दावेदार रहे हैं प्रो रीता वर्मा के कार्यालय सहायकउमा4धनबादबुलंदियों पर पहुंचनेवालों के रास्ते बहुत ही उबड़-खाबड़ होते हैं. त्रिपुरा के सीएम के प्रबल दावेदार विप्लव कुमार देव का सफर भी ऐसी ही कथाभूमि है. संघ में सक्रिय रहे विप्लव ने अपनी शिक्षा-दीक्षा के बाद दिल्ली का रुख कर लिया. संगठन के प्रति […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 3, 2018 12:00 AM

त्रिपुरा सीएम के दावेदार रहे हैं प्रो रीता वर्मा के कार्यालय सहायकउमा4धनबादबुलंदियों पर पहुंचनेवालों के रास्ते बहुत ही उबड़-खाबड़ होते हैं. त्रिपुरा के सीएम के प्रबल दावेदार विप्लव कुमार देव का सफर भी ऐसी ही कथाभूमि है. संघ में सक्रिय रहे विप्लव ने अपनी शिक्षा-दीक्षा के बाद दिल्ली का रुख कर लिया. संगठन के प्रति निष्ठा और सरोकारों ने उन्हें बहुत जल्द केएन गोविंदाचार्य की निगाह में ला दिया. वर्ष 2000 में केंद्र में मंत्री बनने पर धनबाद की तत्कालीन सांसद प्रो रीता वर्मा को अपने कार्यालय के कामकाज के लिए श्री गोविंदाचार्य ने एक अनुभवी व जानकार व्यक्ति के रूप में एक युवक दिया. यही युवक विप्लव कुमार देव थे. प्रो वर्मा बताती हैं : चूंकि गोविंदाचार्य ने संघ के मुख्यालय से उन्हें भेजा था, इसलिए उन पर पूरा भरोसा किया जा सकता था. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पूरी दक्षता व प्रभाव के साथ काम किया. विप्लव भी अपनी प्रतिभा व प्रबंधकीय गुणों से शीघ्र ही लोगों की जुबान पर चढ़ गये. विप्लव का करीबी पीऊन बलराम है धनबाद का : पूर्व मंत्री प्रो वर्मा का एक पीऊन था बलराम रजक. जब तक विप्लव अविवाहित थे, बलराम अपने साथ ही उनका खाना बनाता था. वह बताता है कि जब कभी उन्हें घर ले जाने के लिए खाना देने की बात करता तो वह बस इतना ही कहते कि घर भर के लिए थोड़े ही ले जाना है. मुझे भी खाना बनाना सिखा दो. और जब उनकी शादी हुई तो लगभग एक साल तक बलराम की बीवी ने ही उनके बच्चे की देखरेख की. बलराम की पत्नी सुबह से बच्चे को रखती और दोपहर में लंच के वक्त आकर वह उसे दूध पिलाने आती. इस तरह पूरे एक साल तक उन दोनों ने उनके बच्चे की परवरिश की. विप्लव का वह करीबी आज धनबाद के स्टीलगेट स्थित एक दवा दुकान में काम करता है.