इन योजनाओं से सुविधा बढ़ेगी, पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा
कांडी. सतबहिनी झरना तीर्थ के सर्वांगीण विकास के लिए समिति और जिला पर्यटन पदाधिकारी सतबहिनी झरना तीर्थ के सर्वांगीण विकास के लिए समिति एवं स्थानीय विधायक के नेतृत्व में जिला खेल एवं पर्यटन पदाधिकारी दिलीप कुमार की उपस्थिति में कई योजनाओं की रूपरेखा तैयार की गयी. इस दौरान पदाधिकारी को स्थल की ऐतिहासिकता तथा पिछले 20 वर्षों में समिति द्वारा किये गये विकास कार्यों की जानकारी दी गयी. उन्होंने संपूर्ण क्षेत्र का भ्रमण कर इसकी रमणीयता को सराहा और कहा कि इस स्थल का विकास अत्यावश्यक है. चयनित योजनाओं में छठ घाट का निर्माण, बहुउद्देशीय मंच तथा दो मंजिला पंडाल, चिल्ड्रेन पार्क, देवी मंदिर के पास जलकुंड का पक्का घाट, फेवर ब्लॉक पथ, आठ हाई मास्ट लाइटें, चहारदीवारी का जीर्णोद्धार, नदी पर पुल निर्माण, तालाब का सौंदर्यीकरण, सतबहिनी पार्क, प्रसाधन-युक्त भवन, दुकानों का निर्माण, पुस्तकालय एवं वाचनालय, डीजी जनरेटर सेट, देवी मंदिर तक पीसीसी पथ, सेफ्टी वॉल, गेट निर्माण, शुद्ध पेयजल हेतु आर.ओ. सिस्टम, नई सीढ़ियाँ तथा सूर्य मंदिर के पास छठ घाट शामिल हैं. इन योजनाओं से श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी, पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के संरक्षण के साथ-साथ रोजगार और व्यापार के अवसर भी सृजित होंगे. यदि योजनाएं समयबद्ध तरीके से लागू होती हैं तो सतबहिनी झरना तीर्थ क्षेत्रीय ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रमुख धार्मिक-पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित हो सकता है.
