10 साल से फरार वारंटी समेत दो गिरफ्तार; सितंबर में अब तक 12 से ज्यादा भेजे गए जेल

धुरकी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 साल से फरार चल रहे वारंटी सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के पुलिस के प्रयासों को दर्शाती है.

धुरकी (गढ़वा): जिले में धुरकी पुलिस ने अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे दो वारंटियों को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया. गिरफ्तार आरोपियों में करवा पहाड़ गांव निवासी 59 वर्षीय हमिद अंसारी और पनघटवा गांव निवासी रामनाथ सिंह शामिल हैं. पुलिस के अनुसार, रामनाथ सिंह करीब 10 वर्षों से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ स्थायी/लाल वारंट जारी था.

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लंबे समय से फरार वारंटियों पर पुलिस की नजर

थाना प्रभारी जनार्दन राउत ने बताया कि दोनों वारंटियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश करने के लिए जेल भेज दिया गया है. उन्होंने बताया कि पुलिस फरार वारंटियों की गिरफ्तारी को लेकर लगातार अभियान चला रही है. सितंबर माह में अब तक विभिन्न मामलों में एक दर्जन से अधिक वारंटियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.

अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

थाना प्रभारी ने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और अपराध पर रोक लगाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है. फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि थाना क्षेत्र में अपराधी हो या वारंटी, कानून से बचने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

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By Avinash Singh

अविनाश कुमार सिंह प्रभात खबर के गढ़वा ब्यूरो चीफ हैं. वह आंचलिक से लेकर राज्य मुख्यालय तक 27 वर्ष से अधिक की पत्रकारिता का अनुभव रखते हैं. राजनीतिक विश्लेषण, क्राइम रिपोर्टिंग, हाई-प्रोफाइल इंटरव्यू और खोजी पत्रकारिता.में इन्हें महारत हासिल है. अविनाश कुमार सिंह झारखंड की पत्रकारिता और 'प्रभात खबर' के विश्वसनीय चेहरा हैं, जिन्होंने खबरों की गुणवत्ता को हमेशा प्राथमिकता दी है. लगभग तीन दशकों (27 वर्ष) के अपने लंबे सफर में उन्होंने पलामू ब्यूरो प्रमुख के रूप में 10 साल से अधिक समय तक नेतृत्व किया. इसके बाद प्रदेश मुख्यालय (रांची) में काम करते हुए, विशेषकर वर्ष 2024 के चुनावों के दौरान, उनके सटीक चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक रिपोर्टिंग ने काफी प्रभाव छोड़ा.उनकी लेखनी का दायरा बेहद व्यापक है—संवेदनशील क्राइम रिपोर्टिंग से लेकर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के इंटरव्यू तक, उनकी हर खबर चर्चा में रही है. पत्रकारिता के माध्यम से कई बड़े मामलों का उद्भेदन करना उनकी विशेष पहचान है.झारखंड राज्य गठन के बाद अविनाश ने पलामू में काम करते हुये राजनीतिक से जुड़ी कई ऐसी खबर को ब्रेक किया ,जिसका असर राज्य की राजनीतिक पड़ा .प्रयोगधर्मी पत्रकार के रूप में भी इनकी पहचान है .संस्थान के प्रति समर्पण के लिए उन्हें 'बेस्ट एम्प्लोयी' जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है. प्रभात खबर के संघर्ष से लेकर इसके विकास और उत्थान के सफर में अविनाश एक सक्रिय सहभागी और सहयात्री रहे हैं.

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