12 भाषाओं में तीन हजार से अधिक गीत गाकर भारतीय संगीत जगत को समृद्ध बनाया गढ़वा . संगीत कला महाविद्यालय में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में वरिष्ठ कलाकारों, संगीत के छात्र-छात्राओं एवं संगीत प्रेमियों ने दो मिनट का मौन धारण कर नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर संगीत कला महाविद्यालय के निदेशक प्रमोद सोनी ने कहा कि सुमन कल्याणपुर गायिकी जगत की कोहिनूर थीं. उन्होंने सात दशकों तक अपनी मखमली आवाज से फिल्मी जगत को रोशन किया. उन्होंने 12 भाषाओं में तीन हजार से अधिक गीत गाकर भारतीय संगीत जगत को समृद्ध बनाया. अपनी अद्वितीय गायिकी के लिए उन्हें अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया तथा भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण सम्मान भी प्रदान किया गया. उनकी आवाज काफी हद तक लता मंगेशकर से मिलती-जुलती थी . सुरीला संगीत मंडली के संचालक दया शंकर गुप्ता ने कहा कि सुमन कल्याणपुर की आवाज काफी हद तक लता मंगेशकर से मिलती-जुलती थी. उनके कई गीतों को सुनकर आज भी लोग भ्रमित हो जाते हैं कि यह आवाज लता मंगेशकर की है या सुमन कल्याणपुर की.उन्होंने कहा कि उनके निधन से संगीत जगत के स्वर्णिम युग का एक अध्याय समाप्त हो गया. विजय प्रताप देव ने कहा कि सुमन कल्याणपुर ने अपनी गायिकी से संगीत जगत को मजबूत आधार प्रदान किया. उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा. वहीं वरिष्ठ कलाकार गोपाल प्रसाद कश्यप ने कहा कि यदि सुमन कल्याणपुर को और अधिक अवसर मिला होता, तो गायिकी का ताज उनके सिर पर सजा रहता. कार्यक्रम में आराधना कुमारी, पिंकी सिन्हा, सुनीता कुमारी, आयुषी कुमारी, सलोनी सिन्हा, रौशन कुमार, विकास रॉय, जितेंद्र चंद्रवंशी, ऋतिक रौशन सहित बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी उपस्थित थे.
पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर को संगीत कला महाविद्यालय में दी गयी श्रद्धांजलि
संगीत कला महाविद्यालय में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया.
