गढ़वा. पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) से सटे रमकंडा-भंडरिया-बड़गड़ वन क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हुई है. गुरुवार को पगमार्क मिलने और पूर्व में मवेशियों के शिकार के प्रमाण के आधार पर वन विभाग ने बाघ की गतिविधि की पुष्टि की. इसके बाद संभावित इलाकों में कैमरा ट्रैप लगाकर निगरानी बढ़ा दी गयी है.
सर्च अभियान चलाने के साथ निगरानी
गढ़वा डीएफओ एबीन बेनी अब्राहम ने बताया कि भंडरिया और रमकंडा क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की सूचना मिली थी. पगमार्क की जांच के बाद इसकी पुष्टि हुई है. हालांकि, अभी बाघ कैमरा ट्रैप में कैद नहीं हुआ है. वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सर्च अभियान चलाने के साथ निगरानी कर रही हैं.
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पहले भी मवेशियों का कर चुका है शिकार
रंका के ढेगुरा जंगल में बाघ द्वारा तीन बकरियों और एक बछड़े का शिकार किये जाने की सूचना पहले सामने आ चुकी है. भंडरिया क्षेत्र में भी पशुओं के शिकार की जानकारी मिली थी. लगातार पगमार्क मिलने और शिकार के प्रमाण सामने आने से ग्रामीणों में भय का माहौल है.
सुबह-शाम जंगल नहीं जाने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से सुबह और शाम के समय जंगल नहीं जाने तथा अनावश्यक रूप से जंगल में प्रवेश करने से बचने की अपील की है. ग्रामीणों से बाघ की गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने को कहा गया है.
क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी भी बनी हुई है. ऐसे में वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है.
