न्याय साथी का कार्य व्यक्ति को न्याय दिलाना

न्याय साथी का कार्य व्यक्ति को न्याय दिलाना

गढ़वा.

गांव-गांव जाकर गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित लीगल संस्था न्याय साथी की बुकलेट का लोकार्पण गढ़वा जिला अधिवक्ता संघ भवन के सभागार में हुआ. मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गढ़वा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार और पलामू सांसद बीडी राम ने संयुक्त रूप से बुकलेट का लोकार्पण किया. कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण कर की गयी. मौके पर पीडीजे ने कहा कि गढ़वा जिला के इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी युवा अधिवक्ता समूह ने एक संगठित लीगल फॉर्म की नींव रखी है, जो पूरी तरह सेवा-आधारित है. ‘न्याय साथी’ का कार्य न केवल कानूनी जागरूकता फैलाना है, बल्कि हर उस व्यक्ति को न्याय दिलाना है, जो व्यवस्था के बोझ तले दबा है. इससे बाबा साहेब अंबेडकर का वह सपना साकार होगा, जिसमें हर व्यक्ति को समान रूप से न्याय सुलभ होना है. उन्होंने संस्था को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़कर अपने प्रयासों को संस्थागत रूप से और अधिक मजबूत करने की सलाह दी.

लंबित मुकदमों से गरीब तबका सर्वाधिक प्रभावित : सांसद बीडी राम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की स्थापना को 75 वर्ष हो चुके हैं. पर आज भी न्याय प्रणाली आम लोगों के लिए जटिल और विलंबित बनी हुई है. लाखों मुकदमे लंबित हैं, जिससे गरीब तबका सबसे अधिक प्रभावित होता है. ऐसे समय में न्याय साथी जैसे प्रयास आशा की किरण हैं, जो लोगों के द्वार तक न्याय पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं. उन्होंने संस्था के युवा संस्थापक अधिवक्ता सुधांशु रंजन पांडेय की सराहना की तथा कहा कि वह इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाने में हर संभव सहयोग देंगे.

हम न्याय के लिए समर्पित : संस्था के संस्थापक अधिवक्ता सुधांशु रंजन पांडेय ने कहा कि मुझे हमेशा लगता था कि न्याय सिर्फ कोर्ट रूम तक सीमित नहीं रहना चाहिए. गाँव का गरीब व्यक्ति, जो अपने हक से वंचित है, अगर उसकी आवाज अदालत तक नहीं पहुंची, तो वह भी एक तरह का अन्याय है. यही सोचकर हमने न्याय साथी की नींव रखी. हमारा लक्ष्य है कि हर पंचायत, हर गांव, हर व्यक्ति तक न्याय पहुंचे. हम इसके लिए समर्पित हैं.

अतिथियों को किया सम्मानित : इस दौरान संस्था के सह-संस्थापक अधिवक्ता अरविंद पांडेय ने सभी मुख्य अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया. मौके पर अधिवक्ता संजय कुमार पांडेय, सरकारी अधिवक्ता परेश तिवारी,संघ के महासचिव मृत्यंजय तिवारी, वरिष्ट अधिवक्ता विजय कुमार पांडेय सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे.

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