शिक्षकों की कमी से अधर में है 650 छात्राओं का भविष्य

शिक्षकों की कमी से अधर में है 650 छात्राओं का भविष्य

नंद कुमार, रंका(गढ़वा) रंका परियोजना कन्या उच्च विद्यालय में 650 छात्राओं के लिए केवल छह शिक्षक है. विद्यालय की स्थापना वर्ष 1983 में हुई थी, लेकिन आज तक गणित, भौतिक विज्ञान, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र और उर्दू जैसे मुख्य विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पायी है. इससे छात्राओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है और वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हैं. कक्षा नौ व 10 में कुल आठ सेक्शन, शिक्षकों की कमी विद्यालय में वर्तमान में चार सेक्शन कक्षा 10 के और चार सेक्शन कक्षा 9 के हैं, लेकिन विद्यालय में प्रधानाध्यापक सहित केवल छह शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें एक कंप्यूटर शिक्षक भी शामिल हैं. सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और हिंदी के शिक्षक तो हैं, लेकिन गणित, भौतिक विज्ञान, अंग्रेजी, भूगोल, अर्थशास्त्र और उर्दू के शिक्षक नहीं होने से छात्राओं को मजबूरन आत्म-अध्ययन या ट्यूशन पर निर्भर रहना पड़ता है. छात्राएं क्लास में बैठकर समय बिताने को मजबूर छात्राओं का कहना है कि वे दिनभर क्लास में बैठकर समय बिताने को मजबूर हैं. खासकर गणित और फिजिक्स के शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों को काफी परेशानी होती है. छात्रा मीठी कुमारी, नंदनी, मानवी, काजल, दिपानी और स्वेता बताती हैं कि कई विषयों की पढ़ाई होती ही नहीं है. वहीं अनिशा, रिमझिम, अंकिता, सुप्रिया, सुमन और अंजली बताया कि वे मायूस हैं और भविष्य को लेकर चिंतित हैं. अभिभावक नाराज, बच्चियों की पढ़ाई भगवान भरोसे अभिभावक भी सरकार के रवैये से नाराज हैं. अभिभावक सुनील प्रसाद, प्रदीप राम और रंजीत कुमार सोनी ने कहा कि बच्चियां भगवान भरोसे पढ़ाई कर रही हैं. मैट्रिक परीक्षा पास कराने के लिए उन्हें मजबूरन बच्चियों को रंका और अन्य जगहों पर भेजकर प्राइवेट ट्यूशन दिलाना पड़ता है. इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. हाल ही में 12 मई को जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने विद्यालय का निरीक्षण किया और शिक्षकों की कमी को स्वीकारते हुए सरकार को पत्र भेजने का आश्वासन दिया. प्रधानाध्यापक सुधीर कुमार रजक ने बताया कि नवम वर्ग में नामांकन जारी है, जिससे छात्राओं की संख्या और बढ़ सकती है.

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Author: Akarsh Aniket

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