गढ़वा: बड़गड़ थाना क्षेत्र के सालो जंगल में 19 जुलाई को हुई सिमडेगा के सरकारी शिक्षक दीपक कुजूर की नृशंस हत्या की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है. इस वारदात के पीछे अवैध संबंध, एकतरफा प्यार और प्रतिशोध की सनसनीखेज कहानी सामने आई है.मामले का खुलासा करते हुए गढ़वा के पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने प्रेसवार्ता में बताया कि शिक्षक की हत्या की साजिश मेदिनीनगर (डालटनगंज) के चश्मा व्यवसायी मतिन अख्तर उर्फ मुन्ना खान ने रची थी.
पुलिस ने मुख्य आरोपी मुन्ना खान और उसके सहयोगी मफुज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के पास से दो देशी पिस्तौल, 18 जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं
प्यार, शादी और प्रतिशोध की खूनी कहानी
पुलिस अनुसंधान व तकनीकी साक्ष्यों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक शिक्षक दीपक कुजूर की पत्नी शादी से पूर्व मेदिनीनगर (डालटनगंज ) में काम करती थी. इसी दौरान उसका परिचय नवाटोली निवासी चश्मा व्यवसायी मतिन अख्तर उर्फ मुन्ना खान से हुआ और दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया.
इस बीच दिसंबर 2025 में महिला की शादी सिमडेगा के मंगरकुंडा निवासी और पेशे से सरकारी शिक्षक दीपक कुजूर (पिता स्व. इश्दोर कुजूर) के साथ हो गई.शादी के बाद महिला अपने पति के साथ सिमडेगा चली गई, जहां हाल ही में उसने एक बेटी को जन्म दिया.
बेटी के साथ रहने का दबाव और रची गई हत्या की साजिश
शादी होने और बच्चा होने के बावजूद प्रेमी मतिन अख्तर उस पर लगातार दबाव बना रहा था कि वह अपनी नवजात बेटी के साथ आकर डालटनगंज में उसके साथ रहे.पुलिस के अनुसार जब महिला ने उसके साथ रहने से इनकार कर दिया, तो मतिन अख्तर प्रतिशोध की आग में जलने लगा और उसने शिक्षक पति दीपक कुजूर को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया.
जंगल में घेरकर मारी थी गोली, हथियार से भी किया हमला
19 जुलाई 2026 को शिक्षक दीपक कुजूर अपने ससुराल बरवां (रमकंडा) से वापस अपने घर सिमडेगा लौट रहे थे. इसी दौरान पहले से घात लगाए मतिन अख्तर और उसके भाड़े के सहयोगियों ने बड़गड़ थाना क्षेत्र के सालो जंगल (ललमटिया के पास) में उन्हें घेर लिया. अपराधियों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं और धारदार हथियार से हमला कर उन्हें अधमरा कर दिया.
19 जुलाई की सुबह सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और खून से लथपथ शिक्षक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भंडरिया पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
एसआईटी का गठन और पुलिस की कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देशन में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया.जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले घटना में संलिप्त एक अन्य आरोपी परवेज आलम (कुंड मुहल्ला, डालटनगंज) को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. इसके बाद कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता मुन्ना खान और मफुज अंसारी को भी धर दबोचा.
उठते सवाल: हत्यारों तक कैसे पहुंची दीपक की पल-पल की लोकेशन?
सिमडेगा के शिक्षक दीपक कुजूर हत्याकांड की गुत्थी भले ही पुलिस ने सुलझा ली हो, लेकिन इस मामले में मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों के मन में कई गंभीर सवाल तैर रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल सूचना के लीक होने को लेकर उठ रहा है.
परिजनों का सवाल है कि दीपक 19 जुलाई को अपने ससुराल बरवां (रमकंडा) से वापस सिमडेगा लौटने वाले हैं, इस बात की सटीक और पल-पल की जानकारी हत्यारों तक आखिर कैसे पहुंची? सालो जंगल में अपराधियों का पहले से घात लगाकर बैठना यह दर्शाता है कि उन्हें दीपक के हर एक मूवमेंट की सटीक खबर मिल रही थी.परिजनों ने मांग की है कि इस खौफनाक साजिश की भनक या जानकारी लीक करने में क्या किसी नजदीकी का हाथ था, पुलिस को इस अहम पहलू पर भी गहराई से जांच करनी चाहिए.
गिरफ्तार अभियुक्त
- मतिन अख्तर उर्फ मुन्ना खान (42 वर्ष), पिता- मो. मासूम, पता- नवाटोली, थाना- शहर थाना (डालटनगंज), जिला- पलामू.
- मफुज अंसारी (23 वर्ष), पिता- कलाम मियां, पता- कुमनी, थाना- चैनपुर, जिला- पलामू.
बरामदगी:
अवैध देशी पिस्टल - 02, जिंदा कारतूस - 18, स्कॉर्पियो - 01, मोटरसाइकिल - 01, मोबाइल - 02
छापामारी टीम
एसआईटी में रंका एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह, भंडरिया थाना प्रभारी सुभाष कुमार पासवान, बड़गड़ थाना प्रभारी दीपक कुमार मौर्य, रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केशरी, रमकंडा थाना प्रभारी मुकेश कुमार यादव, पु.अ.नि. अनिल हेम्ब्रम, स.अ.नि. संतोष कुमार उपाध्याय, तकनीकी शाखा की टीम और बड़गड़ थाना का सशस्त्र बल शामिल था। एसपी ने बताया कि फरार अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है. रिपोर्ट:-प्रभाष मिश्रा
