आदिवासी समाज के लोग करते हैं पहली पूजा गौरव पांडेय, श्री वंशीधर नगर अनुमंडल मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध राजा पहाड़ी शिव मंदिर महाशिवरात्रि के स्वागत के लिए पूरी तरह सज-धज कर तैयार है. सावन ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहने वाले इस मंदिर में महाशिवरात्रि पर पलामू प्रमंडल के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ से हजारों भक्तों के पहुंचने की संभावना है. प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह मंदिर सर्वधर्म सद्भाव और गहरी श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है. यहां की एक विशेष परंपरा इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाती है. महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर में पहली पूजा पारंपरिक रूप से आदिवासी समाज के लोग करते हैं. इसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोल दिये जाते हैं. मंदिर के पुजारी गोपाल पाठक के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की अहले सुबह से विशेष पूजन, शृंगार, आरती और महा रुद्राभिषेक का आयोजन शुरू हो जायेगा. देवघर की तर्ज पर विकसित हो रहा धार्मिक परिसर मंदिर निर्माण समिति के सचिव नंदलाल प्रसाद ने बताया कि राजा पहाड़ी को धार्मिक एवं पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है. देवघर की तर्ज पर यहां भव्य माता पार्वती मंदिर का निर्माण कराया गया है. मुख्य गुफा में मां दुर्गा और हनुमान जी की प्रतिमाएं स्थापित हैं. पहले संसाधनों की कमी थी, लेकिन अब पहाड़ी की चोटी तक पीसीसी सड़क बन चुकी है, जिससे निजी वाहन सीधे मंदिर परिसर तक पहुंच सकते हैं. धार्मिक महत्व के साथ यह स्थल पर्यटन के लिहाज से भी आकर्षण का केंद्र बन रहा है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बच्चों हेतु झूला पार्क का निर्माण किया गया है. दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए रात्रि विश्राम की भी समुचित व्यवस्था की गयी है. मंदिर का पहुंच मार्ग मंदिर श्री वंशीधर नगर से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. पहाड़ी तक पहुंचने के लिए श्री वंशीधर नगर से ऑटो और निजी वाहनों की सुगम सुविधा उपलब्ध है. शिव बारात और भव्य महाआरती बनेगा आकर्षण का केंद्र मंदिर समिति के सदस्यों के अनुसार, राजा पहाड़ी मंदिर अब केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रम भी संपन्न कराये जाते हैं. महाशिवरात्रि के अवसर पर निकलने वाली शिव बारात और भव्य महाआरती पूरे क्षेत्र को शिवमय बना देगी, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी.
महाशिवरात्रि के स्वागत को तैयार राजा पहाड़ी शिव मंदिर
आदिवासी समाज के लोग करते हैं पहली पूजा
