पैक्स व लैंप्स को शीघ्र झारसेवा आइडी से जोड़ें: उपायुक्त

पैक्स व लैंप्स को शीघ्र झारसेवा आइडी से जोड़ें: उपायुक्त

प्रतिनिधि, गढ़वा जिले में सहकारिता क्षेत्र को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गयी. उपायुक्त सह अध्यक्ष जिला सहकारिता विकास समिति अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में समिति की छठी बैठक आयोजित की गयी. बैठक में सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण, नयी समितियों के गठन, गोदाम निर्माण, ग्रामीण रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने जैसे कई प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभाग आपस में समन्वय स्थापित करें और अगली बैठक में पूरी अद्यतन रिपोर्ट के साथ भाग लें, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित हो. बैठक में सभी बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियों को झारसेवा आईडी उपलब्ध कराने, चयनित समितियों को इ-पैक्स घोषित करने और समितियों में बैंकिंग प्रणाली लागू करने पर गंभीर मंथन हुआ. उपायुक्त ने जिला सहकारिता पदाधिकारी से सूची प्राप्त कर जिन लैंप्स और पैक्स में आइडी नहीं बनी है, वहां शीघ्र आइडी बनाने का निर्देश दिया. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए मत्स्यजीवी और दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के गठन को विशेष प्राथमिकता दी गयी. उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के सभी मत्स्यजीवियों की संख्या और उनकी गतिविधियों का विस्तृत विवरण तैयार किया जाये और प्रत्येक पंचायत में दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति गठित की जाए. वर्तमान में जिले में 15 सक्रिय दुग्ध उत्पादक समितियां और 75 मिल्क पोलिंग पॉइंट संचालित हैं. बैठक में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, जिला सहकारिता पदाधिकारी नीलम कुमारी, जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान, मत्स्य एवं गव्य पदाधिकारी, डीआईओ चंद्रशेखर पटेल, सीएससी मैनेजर मनीष कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. गोदामों के निर्माण के लिए भूमि का करें निरीक्षण उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के तहत जिले में 100 और 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों के निर्माण के लिए भूमि का संयुक्त निरीक्षण करने और निर्माण कार्य समय पर शुरू करने का निर्देश भी दिया गया. साथ ही समितियों में पशु औषधि विक्रय केंद्र, मिनी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला और जल जीवन मिशन के तहत पाइप जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा की गयी. नयी समितियों के गठन पर बनी रणनीति मुख्य बैठक से पूर्व ज्वाइंट वर्किंग कमेटी की बैठक हुई, जिसमें निष्क्रिय समितियों के समयबद्ध समापन और नयी सक्रिय समितियों के गठन की रणनीति बनायी गयी. डीडीसी ने “सहकार से समृद्धि” अभियान के तहत किसानों को नई दुग्ध और मत्स्य समितियों से जोड़ने और ग्रामीण आर्थिक गतिविधियों को तेज करने पर बल दिया.

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Author: Akarsh Aniket

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