प्रतिनिधि, गढ़वा गढ़वा जिले के 16 प्रखंडों में रहने वाले आदिम जनजाति कोरवा और परहिया समुदाय के लिए सरकार विशेष महा-योजना तैयार कर रही है. इसके तहत जिले में ””पीवीटीजी एंटाइटलमेंट सर्वे”” युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है. जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जिले के करीब 14 हजार परिवारों की 63 हजार आबादी को चिह्नित कर उन्हें सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं से शत-प्रतिशत जोड़ना है. सरकार ने सर्वे की महत्ता को देखते हुए इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर तीन जून कर दी है. अधिकारियों के अनुसार, इसी सर्वे के आधार पर आदिम जनजातियों के विकास की भविष्य की योजना तैयार होगी. यदि कोई परिवार या टोला सर्वे से छूट जाता है, तो सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक नहीं पहुंच पायेगा. सर्वे का कार्य मोबाइल ऐप के माध्यम से स्थानीय युवाओं की मदद से किया जा रहा है. सर्वे के बाद चिह्नित परिवारों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति, आवासीय और जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, वोटर आइडी, उज्ज्वला योजना, वृद्धा एवं विधवा पेंशन समेत अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जायेगा. कल्याण विभाग के अनुसार अब तक केवल 56 प्रतिशत सर्वे कार्य पूरा हो सका है. शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए विभाग ने अभियान तेज कर दिया है. जिला कल्याण पदाधिकारी ने आम लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इस अभियान की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं ताकि कोई भी पात्र परिवार वंचित न रहे. विभाग ने कहा है कि यदि किसी गांव या सुदूर टोले में अभी तक सर्वे टीम नहीं पहुंची है तो इसकी सूचना संबंधित बीडीओ या प्रखंड कल्याण पदाधिकारी को तुरंत दें. सूचना मिलने के 10 दिनों के भीतर सर्वे टीम गांव पहुंचकर छूटे लोगों का नाम डेटाबेस में दर्ज करेगी.
पीवीटीजी एंटाइटलमेंट सर्वे की तिथि तीन जून तक बढ़ी
पीवीटीजी एंटाइटलमेंट सर्वे की तिथि तीन जून तक बढ़ी
