गढ़वा के चिरौंजिया आरसेटी परिसर में खुलेगा 'पलाश मार्ट', दीदियों के उत्पादों को मिलेगा बाजार

Garhwa News: गढ़वा के चिरौंजिया आरसेटी परिसर में जल्द ‘पलाश मार्ट’ खुलेगा. डीसी अनन्य मित्तल की पहल से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और ग्रामीण युवाओं के उत्पादों को बाजार मिलेगा, साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा.

गढ़वा से अविनाश की रिपोर्ट 

Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के ग्रामीण युवाओं और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है. उपायुक्त अनन्य मित्तल ने सदर प्रखंड के चिरौंजिया स्थित भारत सरकार द्वारा संचालित एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) का औचक निरीक्षण किया.

पलाश मार्ट खोलने की घोषणा

इस दौरान डीसी ने संस्थान की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए घोषणा की. उन्होंने कहा कि खुद सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की बिक्री और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए आरसेटी संस्थान परिसर में ही ‘पलाश मार्ट’ खोला जाएगा. इससे प्रशिक्षण लेने वाले लोगों और स्थानीय महिलाओं के उत्पादों को सीधा मंच मिल सकेगा. निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने संस्थान की बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करने का निर्देश दिया. उन्होंने परिसर को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए जरेडा कंपनी को पत्र भेजने का निर्देश दिया, जिससे आरसेटी संस्थान में जल्द से जल्द सोलर पैनल स्थापित किया जा सके. उपायुक्त ने संस्थान के वर्कशॉप, किचन, लैब, कैंटीन और छात्रावास का बारीकी से जायजा लिया. उन्होंने यहां की साफ-सफाई और भोजन की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया. हालांकि, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कैंटीन और वर्कशॉप की व्यवस्था अच्छी है, लेकिन इसे आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है.

युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर

डीसी अनन्य मित्तल ने कहा कि आरसेटी का मुख्य उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाकर स्वरोजगार से जोड़ना है. अधिक से अधिक युवाओं को इसका लाभ मिले, इसके लिए जेएसपीएल का सहयोग लिया जाए. प्रशिक्षणार्थियों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलना चाहिए.

पशुपालन योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत

निरीक्षण के दौरान डीसी ने बकरी पालन का प्रशिक्षण ले रहे युवाओं से सीधा संवाद किया. इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने एक गंभीर समस्या की ओर उपायुक्त का ध्यान आकृष्ट कराया, बताया कि पशुपालन योजनाओं के तहत मिलने वाली सरकारी राशि सीधे वेंडरों के खाते में जाती है. इसके बाद वेंडर कई बार गुणवत्तापूर्ण पशु (बकरी/गाय आदि) उपलब्ध नहीं कराते, जिससे लाभुकों को भारी नुकसान और परेशानी होती है. प्रशिक्षणार्थियों ने मांग की कि लाभुकों को खुद बाजार से पशु खरीदने की आजादी दी जाए .इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त अनन्य मित्तल ने युवाओं को आश्वस्त किया कि इस मामले की विभागीय स्तर पर पूरी जांच कराई जाएगी. 

विभागीय अधिकारियों को प्रशिक्षण में बुलाने का निर्देश

डीसी ने संस्थान के निदेशक डॉ. संजय कुमार को निर्देश दिए कि गाय, बकरी, मुर्गी और सूकर पालन जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान संबंधित पशुपालन और विभागीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से बुलाएं. इससे युवाओं को न सिर्फ ट्रेनिंग मिलेगी, बल्कि उन्हें सरकारी सब्सिडी और लोन की योजनाओं की सही जानकारी मिल सकेगी. निरीक्षण के दौरान अग्रणी बैंक प्रबंधक सत्यदेव रंजन, संस्थान के फैकल्टी मिथिलेश कुमार सिंह, पंकज कुमार वर्मा, रुस्तम अली, अभिषेक तिवारी और प्रद्युम्न कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे.

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Published by: Priya Gupta

प्रिया गुप्ता डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर हैं और वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हैं. वह पिछले एक साल से कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में काम कर रही हैं. इससे पहले वह नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में काम कर चुकी हैं. अभी वह झारखंड की खबरों पर काम करती हैं और SEO के अनुसार कंटेंट लिखती हैं. प्रिया आसान और साफ भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखती हैं. वह ट्रेंडिंग खबरों, झारखंड से जुड़े मुद्दों और लोगों से जुड़ी खबरों पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को सही और भरोसेमंद जानकारी सरल शब्दों में मिले.

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