एनआरसी व सीएए के बाद गढ़वा में इकोनॉमिक सर्वे का विरोध

एनआरसी और सीएए को लेकर देश में चल रहे विरोध के बीच गढ़वा जिले में इकॉनोमिक सर्वे (आर्थिक गणना) को बाधित कर देने का मामला सामने आया है़ रंका प्रखंड के एक विशेष समुदाय बहुल दूधवल पंचायत में इकोनॉमिक सर्वे के लिए गयी टीम को वहां के ग्रामीणोंं और बीडीसी द्वारा लौटा दिया गया़

गढ़वा : एनआरसी और सीएए को लेकर देश में चल रहे विरोध के बीच गढ़वा जिले में इकॉनोमिक सर्वे (आर्थिक गणना) को बाधित कर देने का मामला सामने आया है. रंका प्रखंड के एक विशेष समुदाय बहुल दूधवल पंचायत में इकोनॉमिक सर्वे के लिए गयी टीम को वहां के ग्रामीणोंं और बीडीसी द्वारा लौटा दिया गया.

ग्रामीणों का कहना है कि देश में सीएए और एनआरसी को लेकर माहौल गरम है और इसका विरोध हो रहा है़ इसलिए जब तक वे इस सर्वेक्षण को आपस (ग्रामीण) में बैठ कर समझ नहीं लेंगे, तब तक इसे यहां नहीं होने देंगे़ ग्रामीणों के विरोध के बाद सर्वे का काम करने गये डंडई के पचौर गांव के वीएलइ (कॉमन सर्विस सेंटर संचालक) संजीव कुमार को वहां से लौट जाना पड़ा़ वीएलइ संजीव कुमार ने सर्वे को लेकर ग्रामीणों के विरोध की जानकारी सीएससी मैनेजर मनीष कुमार को दी.

इस के बाद सीएससी मैनेजर श्री कुमार ने सीएससी के अपने वरीय पदाधिकारियों को इसकी जानकारी प्रेषित की है़ जिले की दूधवल पंचायत में 13 गांव हैं. इनमें दूधवल, बेलवादामर, अमवार, मखातू, अनहर, बाहुकुदर, बाराडीह, नगारी, खपरमंडा, नावाडीह, हेताड़, परगवल, नगवा व जून गांव शामिल हैं.

गढ़वा जिले में सितंबर से आर्थिक गणना का कार्य किया जा रहा है़ इसे जनवरी माह में ही समाप्त कर देना था़ लेकिन सीएए व एनआरसी को लेकर विरोध-प्रदर्शन की वजह से जिले में सर्वेक्षण करने में परेशानी हो रही है.

खासकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में सर्वेक्षण करने के दौरान ग्रामीण सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं. जिले में शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वेक्षण का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है़, जबकि दूधवल पंचायत में विरोध के कारण अभी यह शुरू भी नहीं हो सका है.

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By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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